Newslaundry Hindi
डंकापति का मोर-प्रेम और चैनलों पर सुशांत की मौत सुलझाते भांति-भांति के जंतु
इस बार की टिप्पणी में फिर से धृतराष्ट्र-संजय संवाद की वापसी. इसके अलावा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को तमाशा बनाने वाले खबरिया चैनलों की कुछ शर्मनाक कहानियां.
धृतराष्ट्र-संजय संवाद के बहाने इस बार जेईई-नीट के विद्यार्थियों का संकट, देश में बाढ़ और प्रधानमंत्री के मोर-प्रेम की चर्चा. साथ में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन यानी एंवायरमेंट इंपैक्ट असेसमेंट संबंधी अधिसूचना की व्याख्या.
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी. सुशांत की दुर्भाग्यपूर्ण मौत का कारवां खबरिया चैनलों पर डिप्रेशन के चलते आत्महत्या से शुरू हुआ था, फिर बात रिया चक्रवर्ती के षडयंत्र में फंसकर आत्महत्या की आई और इसके बाद चैनलों ने हमें बताया कि उनकी असल में हत्या हुई है. जासूस करमचंद को मात देती खबरिया चैनलों की जांच पड़ताल ने कैसे कैसे चरित्र आपके सामने परोसे, उनका एक समग्र आकलन.
Also Read
-
Deleted despite documents: Inside West Bengal’s ‘political’ SIR
-
60 Indian firms exported 32 crore opioid pills to West Africa, but the approvals are missing
-
Appellate tribunals or a black hole? Where the Bengal SIR goes to bury a ‘second chance’
-
Hindutva activists, a ‘crowd at midnight’, and 9 FIRs: The making of TCS Nashik case
-
Delimitation debate: How India’s political map could have changed