Newslaundry Hindi
जीशान अयूब: ‘हम कहां पहुंच गए हैं, योगी आदित्यनाथ लोगों से बदला लेने की धमकी दे रहे हैं’
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे देशव्यापी प्रदर्शनों के ऊपर हिंदी फिल्म उद्योग में बड़े पैमाने पर शांति देखी गई है. हालांकि फिल्म उद्योग का एक हिस्सा है जो मुखर होकर नागरिकता कानून के खिलाफ सामने आया है. इनमें राजकुमार राव, ऋचा चड्ढा, फरहान अख्तर आदि तमाम कलाकार है. लेकिन बॉलीवुड की तथाकथित ‘ए लिस्टर’ जमात अपनी पहचान के मुताबिक चुप्पी मारकर नजारा देख रही है.
एक हफ्ते पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग के बाद इसके विरोध में सामने आए लोगों में से एक हैं अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब. जीशान अयूब ने ना सिर्फ ट्वीट किया बल्कि छात्रों के साथ समर्थन जताने के लिए वो जामिया कैंपस भी गए.
न्यूज़लॉन्ड्री ने जीशान अयूब से नागरिकता कानून को लेकर हो रहे प्रदर्शन और उसको लेकर बॉलीवुड की मुखरता और चुप्पी पर बात की.
जीशान कहते हैं, ‘‘किसी मुद्दे पर बोलना कठिन नहीं है लेकिन आज के दौर में लोगों में एक तरह का डर है. जिस कारण लोग बोल नहीं रहे हैं. मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन हमारे साथ काम करने वाले कुछ लोगों ने फोन करके बताया कि उन्हें ट्वीट करने में भी डर लग रहा है. सोशल मीडिया पर लिखने से डर रहे हैं लोग. पब्लिक में तो खैर बहुत ही कम लोग बोले हैं. वे कहते हैं कि यार कैसे बोलें. हमारा तो घर है. तुम जानते हो क्या हो सकता है.’’
जीशान आगे कहते हैं, ‘‘लेकिन आपके समाज में इतना सब हो रहा है. बच्चों को बुरी तरह मारा जा रहा है. यूपी में गुंडाराज तो था ही और अब वहां के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम बदला लेंगे. प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना अलग बात है, लेकिन बदला लेंगे कहना! देखिए कि हमारी भाषा कहां पहुंच गई है.’’
पूरा इंटरव्यू यहां सुने…
Also Read
-
We watched Kerala Story 2 so you don’t have to
-
Western coverage of Iran is like a masterclass in saying everything except who did it
-
India’s silence on Iran is not strategic autonomy. It looks more like strategic dependence
-
खामेनेई की हत्या पर लखनऊ में भारी विरोध प्रदर्शन: अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
-
मदरलैंड वाले पॉपॉ की फादरलैंड पॉलिटिक्स और बाबा का बुद्ध राग