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‘हम तो कैंपस में सिर्फ अपनी सुरक्षा मांग रहे थे’: छात्र यूनियन के उपाध्यक्ष का पहले निष्कासन फिर एफआईआर
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजिन इंस्टीट्यूट ने इसके कुलपति (वाइस चांसलर) पर हमला करने के आरोप में छात्र शुभम वेदांडे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. मालूम हो कि वेदांडे उन 6 छात्रों में शामिल है, जिन्हें बीते 15 अक्टूबर को संस्थान ने कम से कम लगातार दो सेेमेस्टर के लिए निष्कासित किया गया था. वहीं, वेदांडे को लगातार तीन सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया गया है.
ये पूरा मामला बीते 27 सितम्बर को संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी संस्था अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की ओर से आयोजित कार्यक्रम के विरोध पर शुरू हुआ था. तब छात्रों और कार्यक्रम के आयोजकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद 4 अक्टूबर को बाहर से लोग बड़ी संख्या में संस्थान के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी की. इस दौरान पथराव और छात्रों के घायल होने की खबर भी सामने आई. इस तरह पिछले एक महीने से कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में माहौल तनावपूर्ण है.
वहीं, छात्रों की ओर से कैंपस में सुरक्षा और प्रशासन की जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. तो दूसरी तरफ कैंपस में सुरक्षा के नाम पर पुलिस की मौजूदगी भी सवालों के घेरे में है.
बताते चलें कि शुमम स्टूडेंट यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट हैं. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 121(1), 221, 351(2), 352, 324(4), 3(5) और 54 के तहत पंचायसर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है.
शुभम ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि उनका अपने साथियों सहित कुलपति कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था. इस दौरान कुलपति ने कार्यालय में तोड़फोड़ होने की बात कही और वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का ऐलान किया, जिसका छात्रों ने विरोध किया. इसके बाद छात्र उनके कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए.
शुभम के मुताबिक, “वह 15 अक्टूबर को कार्यालय बाहर धरने पर बैठे थे, तभी कुलपति छात्रों के बीच से निकलने लगे. इस पर छात्रों ने उनसे सवाल किए कि प्रशासनिक गेट बंद क्यों हैं, छात्रों को सुविधाओं तक पहुंच क्यों नहीं दी जा रही और रस्टिकेट किए गए छात्रों को रजिस्ट्रार से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा?”.
शुभम ने बताया कि कुलपति पहले से ही सुरक्षाकर्मियों से घिरे हुए थे. जहां तक उन्हें जानकारी है, किसी ने खिड़की पर पत्थर फेंका था लेकिन उन्हें नहीं पता कि ऐसा किसने किया.
एफआईआर के बारे में बात करते हुए शुभम ने कहा, “मैं यहां फिल्म बनाना सीखने आया हूं लेकिन गलत के खिलाफ सवाल उठाना और विरोध करना भी मेरा अधिकार है. हम तो सिर्फ कैंपस में अपनी सुरक्षा की मांग कर रहे थे.”
शुभम का दावा है कि उन्हें छात्रों की आवाज उठाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है.
शुभम ने बताया कि उनके माता-पिता एफआईआर को लेकर चिंतित जरूर हैं, लेकिन उन्हें पता है कि उनका बेटा किसी गलत मांग के लिए नहीं लड़ रहा है.
एफआईआर को लेकर प्रशासन का पक्ष
एफआईआर की घटना और उसके आधार को समझने के लिए हमने संस्थान के रजिस्ट्रार दीपक कुमार से भी बात की.
उन्होंने बताया कि कुलपति के साथ कथित तौर पर शारीरिक दुर्व्यवहार और मौखिक अभद्रता करने के आरोप में एक छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. रजिस्ट्रार के मुताबिक, डीन काउंसिल की सिफारिश के आधार पर संबंधित छात्र को तीन सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट किया गया है.
रजिस्ट्रार दीपक कुमार ने कैंपस में पुलिस की तैनाती को लेकर कहा कि संस्थान परिसर में रहने वाले कर्मचारियों, छात्रों और फैकल्टी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.
उनके मुताबिक, कैंपस में डराने-धमकाने, शारीरिक दुर्व्यवहार और कुलपति के कार्यालय में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं. इसके अलावा, 27 अक्टूबर को बड़ी संख्या में छात्रों द्वारा अचानक मशाल जुलूस निकाले जाने से कैंपस में डर और घबराहट का माहौल पैदा हुआ. रजिस्ट्रार ने इन्हीं घटनाओं को पुलिस तैनाती की वजह बताया.
इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए भी हमने संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की है. लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी हम संपर्क नहीं बना पाए. जिसके बाद हमने पंचायसर पुलिस थाने को ई-मेल किया है. अगर पुलिस की ओर से कोई जवाब मिलता है तो उसे ख़बर में शामिल किया जाएगा.
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