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मिमिक्री वीडियो को लेकर मुंबई में एफआईआर, नोएडा के दंपत्ति ने डर में घर छोड़ा
सोशल मीडिया पर मिमिक्री वीडियो बनाने वाले नोएडा के कंटेंट क्रिएटर साहिल मनीष रोकडे के घर 15 सितंबर को अचानक से मुंबई पुलिस पहुंची, उनका फोन और लैपटॉप जब्त किया और अपने साथ नोएडा पुलिस थाने ले गई. साहिल का आरोप है कि उन्हें पूरी रात लॉकअप में रखा गया.
ये पूरा मामला एक ऐसे वीडियो से जुड़ा है, जिसे शिकायतकर्ता ने विनायक दामोदर सावरकर का अपमान बताया है.
बताते चलें कि साहिल और उनकी पत्नी जानवी ‘क्यूं एंड क्या’ नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाते हैं. उनके 33 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वे मुख्य रूप से मिमिक्री वीडियो पोस्ट करते हैं.
2 सितंबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क थाने में विक्रांत शरद आचरेकर की शिकायत पर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई. शिकायत के मुताबिक, एक इंस्टाग्राम रील में एक युवक सावरकर जैसा पहनावा किए हुए दिखाई देता है और काले जूते चाटता हुआ नजर आता है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो के जरिए महापुरुषों का अपमान किया गया और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है. इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 67 और बीएनएस की धाराओं 196(1)(b), 353(2) और 356 के तहत मामला दर्ज कर लिया.
15 सितंबर को मुंबई पुलिस की चार सदस्यीय टीम नोएडा स्थित साहिल के घर पहुंची. साहिल के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें एक नोटिस दिया और इसके बाद नोएडा सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन ले गई. उनका आरोप है कि पुलिस ने उनसे जबरन नोटिस पर हस्ताक्षर करवाए और उनके आईफोन और लैपटॉप के पासवर्ड भी लिए.
साहिल का कहना है कि उन्हें दिनभर थाने में बैठाए रखने के बाद रात करीब 12 बजे लॉकअप में बंद कर दिया गया. अगले दिन सुबह उन्हें सूरजपुर कोर्ट ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. हालांकि, उनका फोन और लैपटॉप अब भी मुंबई पुलिस के पास हैं.
साहिल कहते हैं कि उन्हें एफआईआर के बारे में मुंबई पुलिस के नोएडा पहुंचने के बाद ही पता चला. उनके मुताबिक, इससे पहले उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई थी.
वे कहते हैं, “अचानक से घर पर पुलिस आ गई. यह सब देखकर हम खुद हैरान थे.”
साहिल के मुताबिक, 14 सितंबर को उन्हें मेटा की ओर से एक ई-मेल मिला था और इसके अगले दिन मुंबई पुलिस उनके घर पहुंच गई.
उनकी पत्नी जानवी का कहना है कि पुलिस उन पर मुंबई के शिवाजी पार्क थाने में आने का दबाव बना रही है. वह कहती हैं कि दोनों इस कार्रवाई से डरे हुए हैं. जानवी का दावा है कि जिस वीडियो को लेकर मामला दर्ज हुआ है, उसे सावरकर को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया था.
वह कहती हैं, “वीडियो में कहीं सावरकर का नाम या जिक्र नहीं है. यह एक नॉर्मल वीडियो था. हम जमानत के लिए कोशश कर रहे हैं.”
एफआईआर से जुड़े वीडियो को हमने देखा. इसमें साहिल गोल टोपी और काला कोट पहनकर डांस करते नजर आते हैं. बैकग्राउंड में एक गाना बज रहा है, जिसमें माफीनामा, देश बांटने और अंग्रेजों के बूट जैसे संदर्भ हैं. वीडियो में एक जूता भी दिखाया जाता है और उनकी पत्नी ‘सॉरी’ लिखा हुआ एक पेपर दिखाती हैं.
साहिल का कहना है कि उन्होंने फिलहाल अपना घर छोड़ दिया है. उनके मुताबिक, उन्हें डर है कि पुलिस दोबारा उनके घर आ सकती है. फोन जब्त होने की वजह से उनके बैंक अकाउंट्स से जुड़ी दिक्कतें भी आ रही हैं.
इस मामले की जांच कर रहे मुंबई पुलिस के निरीक्षक (इंस्पेक्टर) राजू रामचंद्र थुबल भी जांच के सिलसिले में नोएडा आए थे. हमने उनसे संपर्क किया, लेकिन उन्होंने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
वहीं, इस मामले में शिकायतकर्ता विक्रांत शरद आचरेकर के साथ ही संपर्क करने की काफी कोशिश की. शिकायत में दिया गया उनका नंबर 'सेवा में नहीं है' बताया जा रहा है.
वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं है. इसमें एक ऐसे भारत की तस्वीर है- जहां खेत हैं, नदियां हैं, हरियाली है और एक मातृभूमि का सपना है. लेकिन आज जब हम उसी भारत के बीच खड़े होकर देखते हैं, तो सवाल उठता है- क्या वह तस्वीर अब भी वैसी ही है? हमारा नया प्रोजेक्ट इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश है. हम उन जगहों तक जा रहे हैं, जिनका ज़िक्र ‘वंदे मातरम्’ में है, और देख रहे हैं कि वक्त के साथ वहां का भारत कितना बदला है. यह एक गीत को समझने से ज्यादा, उस देश को समझने की कोशिश है जिसे हम अपना घर कहते हैं.
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