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‘प्राइमटाइम पर मुझे एंटी-नेशनल बताया गया': सुधीर चौधरी पर 5 करोड़ रुपये का मुकदमा करने वाले शेरावत
27 जुलाई को सुधीर चौधरी के प्राइमटाइम शो ‘डिकोड’ में यूपीएससी अभ्यर्थी और छात्र कार्यकर्ता विजय शेरावत को उस शख्स के तौर पर दिखाया गया, जिसने कथित तौर पर संसद को “उखाड़ फेंकने” और भारत को नेपाल बनाने की बात कही थी. लेकिन शेरावत के मुताबिक, इसमें एक बड़ी समस्या थी कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति शेरावत नहीं था.
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपने मामले में शेरावत ने कहा है कि ये टिप्पणियां किसी और व्यक्ति ने की थीं. उनका आरोप है कि इसके बावजूद ‘डिकोड’ के प्रसारण में इन टिप्पणियों को उनके नाम से जोड़ते हुए उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया. शेरावत का कहना है कि प्रसारण से पहले फुटेज का सत्यापन नहीं किया गया और न ही उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई.
उन्होंने सुधीर चौधरी और डीडी न्यूज़ समेत अन्य प्रतिवादियों से 5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है. साथ ही, प्रसारण को आगे प्रकाशित और प्रसारित करने पर रोक लगाने की मांग भी की है. अदालत ने चौधरी, डीडी न्यूज़ और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को सूचीबद्ध है. हालांकि, शेरावत के लिए ‘डिकोड’ का वह एक एपिसोड यहीं खत्म नहीं हुआ.
शेरावत ने न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में कहा, “मैं पूरी तरह बर्बाद हो गया हूं. प्रसारण के बाद क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और इसके तुरंत बाद मुझे धमकियां मिलने लगीं."
वह आगे कहते हैं, “एक एंकर के एक बयान ने पूरी दुनिया के सामने मुझे एंटी-नेशनल घोषित कर दिया.”
शेरावत के मुताबिक, इस मामले ने उनका वह समय भी छीन लिया, जिसे वह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगाना चाहते थे. उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में परीक्षा की तैयारी के बजाय उन्हें वकीलों से मिलने और अदालत की सुनवाइयों के लिए जाना पड़ा.
शेरावत के लिए यह मामला सिर्फ अपना नाम साफ कराने तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि वह इस मामले के जरिए पत्रकारिता में जवाबदेही तय करने के लिए एक मिसाल कायम करना चाहते हैं.
विजय शेरावत के साथ पूरा इंटरव्यू देखें.
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