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9 घंटे की आनाकानी के बाद पुलिस ने दर्ज की अजीत भारती के खिलाफ एफआईआर
दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ एससीएसटी एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. भारती ने अपने यूट्यूब पर एक वीडियो में डॉ. आंबेडकर, नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद और दलित समाज के बारे में टिप्पणियां की थी. साथ ही उन्होंने दलित समाज की महिलाओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक यौन टिप्पणियां भी की. इसके बाद आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 23 अगस्त रविवार की देर शाम थाने में लंबी जद्दोजहद के बाद एफआईआर दर्ज कराई है.
मामले में शिकायतकर्ता और आजाद समाज पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध के मुताबिक, भारती ने अपने यूट्यूब पर 'आरक्षण हटाओ नौटंकी' और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के मुद्दे पर चर्चा करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. भारती ने इस वीडियो में जातिसूचक शब्दों के साथ-साथ चंद्रशेखर की शक्ल और उनकी मूंछों पर थूकने की भी बात कही है. हालांकि, अजीत भारती के यूट्यूब चैनल पर अब यह वीडियो उपलब्ध नहीं है.
इस एफआईआर में तीन अलग-अलग कानूनों की कुल 9 धाराएं लगाई गई हैं. इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(1)(u), 3(1)(v), 3(1)(w)(ii) और 3(2)(va) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
इसके अलावा दूसरा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 196 (1)(c) और 351(3) लगाई गई है. साथ ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
शिकायतकर्ता की मांग है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स से इस वीडियो को हटवाया जाए. वहीं, इस एफआईआर के बाद अजीत भारती ने एक्स पर लिखा, "मैं जानता हूं कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ एवेन्यू में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह एफआईआर लिखवाई है, जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगी. एक भी धारा ऐसी नहीं है, जो होल्ड करेगी…. यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूंगा जो मैंने दिया."
बता दें कि जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ (आरएचए) के बैनर/सोशल मीडिया अभियान के तहत बुलाया गया था. यहां प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण और यूजीसी के इक्विटी नियमों का विरोध किया था. इसी सिलसिले में अजीत भारती भी जंतर-मंतर पहुंचे थे. जहां उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया. इसके बाद उन्होंने वहां आए लोगों का धन्यवाद करते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर लाइव किया. लाइव के दौरान वह कमेंट पढ़कर उनका जवाब दे रहे थे. इसी लाइव बातबीत के दौरान किसी ने कमेंट किया कि अजीत भाई अपनी बहन की शादी एमपी चंद्रशेखर से कर दो, रिजर्वेशन खत्म हो जाएगा.
इसी का जवाब देते हुए अजीत अपना आपा खो बैठे और उन्होंने पूरे दलित समाज को घेर लिया और आपत्तिजनक एवं अश्लील टिप्पणी की.
इस पूरे मामले पर आजाद समाज पाटी के दिल्ली प्रदेश प्रभारी महेश पहवाल न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, “हम रविवार की दोपहर एफआईआर दर्ज कराने नॉर्थ एवेन्यू थाने पहुंचे थे. जब हमने एफआईआर की बात की तो एसएचओ रमेश कुमार सिंह यह कहते हुए टाल दिया कि ये मामला एससीएसटी एक्ट और एक सांसद से जुड़ा है इसलिए हमें उच्च अधिकारियों से बात करनी पड़ेगी. इस पर हमने कहा कि हम एफआईआर तो करवाकर ही जाएंगे. वह हमें टालते रहे और फिर एसीपी महेश कुमार से फोन पर हमारी बात करवाई गई. एसीपी ने भी हमें मैनेज करने की कोशिश की. लेकिन हमने साफ कहा कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं होगी तो हम यहां से जाएंगे नहीं.”
इस बीच समय बीतता गया और एसएचओ अलग-अलग अधिकारियों से फोन पर हमारी बात कराते रहे.
वह आगे कहते हैं, “एसीपी भी हमसे यही कहते रहे कि यह एससीएसटी का मामला है, इसलिए इसमें तुरंत एफआईआर नहीं कर सकते हैं. हमें समय दीजिए. लेकिन हम वहां डटे रहे कि जाएंगे तो एफआईआर दर्ज करवाकर ही. इस बीच उन्होंने हमारी बात एडिशनल डीसीपी मनजीत से करवाई क्योंकि डीसीपी सचिन शर्मा छुट्टी पर थे. जिसके बाद एडिशनल डीसीपी ने दो दिन का समय मांगा. उन्होंने कहा कि दो दिन बाद एफआईआर दर्ज कर लेंगे, अभी नहीं कर सकते हैं. इस तरह वो भी लगातार टालने की कोशिश करते रहे. फिर हमने थाने में शर्ट उतारकर बैठने (अर्धनग्न प्रदर्शन) की धमकी दी क्योंकि हमें पता था कि अगर हम चले जाते तो एफआईआर दर्ज नहीं होती.”
महेश बताते हैं कि जब पुलिस को लगा कि अब बात नहीं बनेगी तो कई घंटों बाद वह एफआईआर दर्ज करने को तैयार हुए. शुरुआत में वह बहुत ही हल्की धाराएं लगा रहे थे. फिर हमारी लीगल टीम ने विरोध किया तो जिन धाराओं में हम चाहते थे उन्हीं में एफआईआर दर्ज की गई. इस दौरान हमारी दिल्ली की यूनिट भी मौजूद थी.
महेश कहते हैं कि अब अगर पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की तो वह डीसीपी दफ्तर का घेराव करेंगे. पहले वह लोग 25 अगस्त को डीसीपी दफ्तर से अपडेट लेंगे नहीं तो फिर दो तीन दिन में और बड़ा आंदोलन करेंगे.
महेश भारती की भाषा पर नाराजगी जताते हुए कहते हैं कि ऐसे असामाजिक व्यक्ति को जेल होनी चाहिए. जो सरेआम सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और दलित समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है.
आजाद समाज पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध भी यही मांग करते हैं. वह कहते हैं, “अगर अजीत भारती की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह कोर्ट और आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे. पहले ही एफआईआर के लिए घंटों तक पुलिस घुमाती रही. हम दोपहर 12 बजे एफआईआर कराने पहुंचे थे लेकिन रात को करीब 9 बजे वापस आए हैं. अंदाजा लगाइए कि कितनी जिद्दोजहद करनी पड़ी होगी.”
बालकराम आगे बताते हैं, “पुलिस ने हमें यहा तक कहा कि राहुल गांधी को भी एफआईआर दर्ज कराने में कितना समय लग गया था. इसीलिए एफआईआर ऐसे नहीं होती है. हमें नाना प्रकार के उदाहरण दिए जा रहे थे. दिल्ली की हमारी पूरी टीम मौजूद थी. हम करीब 40 से ज्यादा लोग एफआईआर कराने पहुंचे थे.”
वहीं, इस मामले को लेकर हमने थाना नॉर्थ एवेन्यू के एसएचओ रमेश कुमार सिंह से भी बात की. वह कहते हैं, “देखिए हम मामले की जांच कर रहे हैं. किसी के आरोप लगाने से हम तुरंत किसी को जेल में नहीं डाल देंगे. किसी को जेल में डालना अपने आप को भी जेल में डालने जैसा है. एफआईआर तो एफआईआर होती है. वीडियो की सत्यता भी जांच का विषय है. कितना सही है, कितना नहीं है. वैसे इस पूरे मामले की जांच एसीपी साहब करेंगे.”
इस मामले को लेकर हमने अजीत भारती से भी संपर्क करने का प्रयास किया. हालांकि, हमारी कई कोशिशों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हुआ.
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