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सफाईकर्मी अनिल की हत्या: पुलिस पर जबरदस्ती दाह संस्कार और कंपनी पर कर्मचारियों का हक मारने का आरोप
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी अनिल कुमार की चाकू मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही हत्या की वजह का भी खुलासा कर दिया है.
वहीं, दिल्ली नगर निगम के लिए ठेके पर काम करने वाली कंपनी मेट्रो वेस्ट हैंडलिंग प्राइवेट लिमिटेड ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया है. एमसीडी के मेयर प्रवेश वाही ने इसकी पुष्टि की है. इसके बाद बीते चार दिनों से हड़ताल पर गए कर्मचारी काम पर वापस लौट आए हैं.
खोड़ा (गाजियाबाद) निवासी अनिल कुमार लगभग एक साल से मेट्रो वेस्ट कंपनी में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे. 16 अगस्त, रविवार को सुबह करीब 7 बजे कल्याणपुरी के 15/16 ब्लॉक स्थित एमसीडी प्राइमरी स्कूल के पास वह कूड़ा उठाने गए थे. अनिल के साथ उनके सहयोगी गुलशन (कूड़ा गाड़ी के ड्राइवर) भी थे. इसी दौरान निहाल नाम के व्यक्ति ने अनिल पर चाकू से कई वार कर दिए. घायल अनिल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
घटना के बाद मेट्रो वेस्ट हैंडलिंग प्राइवेट लिमिटेड के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए. सफाई कर्मचारियों ने इस मामले कार्रवाई और परिवार को इंसाफ की मांग के अलावा अपनी कई मांगों को भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बना लिया.
उन्होंने मृतक अनिल कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग की. साथ ही वेतन बढ़ोतरी, सुरक्षा किट और भविष्य निधि समेत 11 मांगें रखीं. बुधवार को देर रात कर्मचारियों ने कंपनी के साथ बातचीत में सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया.
सफाई कर्मचारी जॉनी ने बताया कि उन्होंने हड़ताल इसीलिए खत्म कर दी क्योंकि कंपनी के दूसरे कर्मचारियों ने कहा कि अगर काम नहीं करेंगे तो एमसीडी टेंडर किसी और को दे देगी. ऐसे में हमेशा के लिए ही नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है. जिसके चलते उन्होंने काम लौटने का फैसला किया. जॉनी बताते हैं कि उनके मुद्दों पर अब 26 अगस्त को दोबारा मीटिंग होगी. कंपनी के अधिकारियों ने वादा किया है कि उनकी मांगों को सहमति बनाते हुए माना जाएगा.
प्रदर्शन, हिरासत और समझौता
धरने में शामिल सफाई कर्मचारी प्रमोद बताते हैं, “यहां जितने भी कर्मचारी हैं, उन सबका वेतन बढ़ना चाहिए. 18 हजार रुपये में हम चाकू भी खा रहे हैं और कूड़ा भी उठा रहे हैं. मैं सात साल से काम कर रहा हूं. हमें अलग से भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है. बताइए इतने कम रुपए में कैसे जीवन चलेगा.”
इस बीच कंपनी के एचआर हेड अमृत पाल लगातार कर्मचारियों के मनाने की कोशिश करते रहे. अमृत पाल कहते हैं, “हम एक कमेटी बना रहे हैं जिसमें पांच कर्मचारी शामिल हो सकते हैं और पांच लोग कंपनी के होंगे. हम सोमवार को सभी मुद्दों पर उन पर एक बार फिर से बात करेंगे और फिर सभी को मना लिया जाएगा.”
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि उन्होंने कंपनी से बात कर परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलवाया है. साथ ही कंपनी में परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दिलवाई जाएगी. एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की मौजूदगी में कंपनी और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बाद ये सहमति बनी.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को हिरासत में ले लिया था. कुलदीप बताते हैं, "मुझे 14-15 घंटे तक पुलिस ने गायब रखा. मेरे परिवार को भी कोई जानकारी नहीं दी गई. मेरा गुनाह सिर्फ इतना था कि मैं सफाई कर्मचारी अनिल के लिए न्याय की आवाज़ उठा रहा था.”
भीम आर्मी के दिल्ली प्रदेश संयोजक हिमांशु वाल्मीकि का भी दावा है कि पुलिस ने उन्हें इस मामले में आवाज उठाने के लिए कई घंटों तक हिरासत में रखा.
पुलिस की जांच
इस मामले में पुलिस ने कल्याणपुरी थाने में गुलशन की शिकायत पर एक एफआईआर दर्ज की. पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार के अनुसार, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर त्रिलोकपुरी निवासी 52 वर्षीय निहाल को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, उन्हें जांच में पता चला कि गुलशन आरोपी निहाल की पत्नी से बातचीत करता था. निहाल ने अनिल से भी कहा था कि गुलशन उसकी पत्नी से बात न करे. एक-दो दिन पहले निहाल ने फिर से अपनी पत्नी को गुलशन से बात करते हुए देख लिया. इसी रंजिश में वह गुलशन को मारने निकला था, लेकिन उसने अनिल पर चाकू से हमला कर दिया.
पुलिस के मुताबिक, निहाल ने बताया कि उसने रातभर शराब पी और वार करते समय उसे पता नहीं चला कि उसने किस पर हमला किया. पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया है.
परिवार के आरोप
खोड़ा स्थित अनिल के घर पर हम उनके भाई सतीश कुमार से मिले. उन्होंने बताया, “अनिल कंपनी में करीब एक साल से काम कर रहे थे. हमारी किसी से भी कोई रंजिश नहीं है, ना ही हम हत्यारे को जानते हैं.”
उन्होंने कहा कि प्रशासन की बात मान ली गई और पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ. अब वे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते.
मृतक की मां गोदराजी बदहवास हालत में हैं. वे बार-बार दोहराती हैं, “मेरे बेटे को क्यों मारा, उसका क्या कसूर था.”
अनिल की बहन सुनीता का कहना है, “हमारे लिए इंसाफ का मतलब दोषी को सजा-ए-मौत है. हमारी सारी जिंदगी की पूंजी छीन ली गई.”
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