NL Tippani
मोदीजी का न्याये ‘न’ राज्यम् और नफरती एंकर-एंकराओं की दौड़ रांची तक
जो अपने दफ्तर से कुछ किलोमीटर दूर जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके वो एक हजार किलोमीटर दूर रांची पहुंच गए. ताकि अपने बिके हुए जमीर की नुमाइश कर सकें. इस जमात के एंकर एंकराओं की कोशिश यही थी कि किसी भी तरह से रांची के छात्र आंदोलन से जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन को कमतर दिखाया जाए. और इस तरह जंतर-मंतर पर इनको युवाओं और छात्रों ने जो आइना दिखाया था, उसका दर्द थोड़ा कम किया जा सके. पर ऐसा हो न सका.
उधर, उत्तर प्रदेश के बरेली में बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने नया गुल खिलाया. पहले एक किलो चिकन बिरयानी खरीदी. उसके बाद प्रशासन को सूचना दी कि फलां बिरियानी बेच रहा है. इसके बाद प्रशासन ने आकर बुलडोजर से सलमान का काउंटर गिरा दिया, टीन शेड तोड़ दिया. एक व्यक्ति की आस्था की कीमत दूसरे व्यक्ति की रोजी को चुकानी पड़ रही है क्योंकि देश में अमृतकाल चल रहा है.
ऐसा आपने कब देखा सुना कि बिरियानी बेचने या रोजी-रोटी के लिए कुछ करने के आरोप में किसी के दुकान पर बुलडोजर चला दिया जाय. यही न्याय वाला राज्य है जिसके बारे में मोदीजी संस्कृत में कहते हैं न्याये न राज्यम्.
Also Read: रामजी का चंदा चोरी और डंकापति की वापसी
Also Read
-
‘Just colleagues disagreeing’: How the Election Commission rift played out on TV news
-
Independent journalists reporting on MP child deaths face surveillance, have Instagram accounts disabled
-
IE investigation: Ex-CEC calls dissent ‘unprecedented’, but some media outlets fall for ‘sources’ again
-
Long queues, voters in limbo: In Delhi seat with largest SIR deletions
-
‘Found out after video went viral’: Father of Jamui assault survivor says ‘arrest is not enough’