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सीजेपी प्रोटेस्ट: जिस्म पर चोट और ज़हन में हौसला लेकर जंतर मंतर लौटे पिटे हुए ज़ेन-जी
बीते 20 जुलाई को संसद मार्च के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आंदोलनकारी जुटे थे. सुबह 9 बजे सब कुछ शांत था लेकिन दोपहर होते-होते मार्च बिखरा नजर आया. पुलिस मार्च में आए लोगों पर लाठी बरसा रही थीं और वहीं भीड़ पुलिस के बैरिकेड तोड़ रही थी. इस दौरान काफी संख्या में लोगों को मामूली से लेकर गंभीर चोट आई. जहां गंभीर रूप से घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं, मामूली चोट लगने पर घायल हुए लोग प्रदर्शन में वापस लौट आए हैं.
हमने प्रदर्शन में लौटे ऐसे ही कुछ लोगों से बात की. इनमें से कुछ के सिर पर चोट लगी है तो किसी के पैर और हाथ में चोट आई है.
हमने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थक और धरनास्थल पर स्वयंसेवक की भूमिका निभा रहे उज्जवल से भी बात की. उज्जवल ने बताया कि करीब 50-60 लोग घायल हालत में भी यहां समर्थन देने पहुंचे हैं.
इन्हीं में से एक अहिला हैं, जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और दिल्ली में पढ़ाई कर रही हैं. वह बताती हैं कि जब लाठीचार्ज हुआ तो उनके हाथ और पैर में चोट लगी.
मध्य प्रदेश के सोनू यादव राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक कर रहे हैं. वह पिछले 10 दिनों से प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए यहां मौजूद हैं. उन्होंने कहा, "बिना वजह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया. कुछ पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे और उनके पास नेम प्लेट भी नहीं थी. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हम यहीं रहेंगे."
देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट.
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