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मानहानि मामला: अंजना ओम कश्यप और खान सर को हाईकोर्ट ने मध्यस्थता को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार अंजना ओम कश्यप को खान सर और मामले से जुड़े अन्य पक्षों को मध्यस्थता (मेडिएशन) की प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सभी पक्षों के वकीलों को गुरुवार शाम मध्यस्थ के साथ बैठक करने का निर्देश दिया.
कोर्ट का यह आदेश अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे नेटवर्क की ओर से दायर 2 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे के सिलसिले में आया है.
मालूम हो कि यह मुकदमा उन टिप्पणियों को लेकर दायर किया गया है, जो खान सर और अन्य लोगों ने अंजना ओम कश्यप द्वारा "स्टार टीचर्स" के बढ़ते प्रभाव की आलोचना किए जाने के बाद की थीं.
खान सर के अलावा इस मुकदमे में शिक्षक अभिनव शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स तथा 4PM न्यूज नेटवर्क को भी पक्षकार बनाया गया है.
अदालत ने खान सर और अन्य शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे अंजना ओम कश्यप के बच्चों से जुड़ी जानकारी वाले पोस्ट हटा दें. साथ ही अदालत ने अंजना ओम कश्यप को भी शिक्षकों को निशाना बनाना बंद करने के लिए कहा.
शिकायत के अनुसार, कई प्रतिवादियों ने, जिनके सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं, अंजना ओम कश्यप और उनके नेटवर्क के खिलाफ एक समन्वित अभियान चलाया.
शिकायत में कहा गया है कि यह अभियान उस समय शुरू हुआ जब अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन शिक्षकों की आलोचना की थी. आरोप है कि इस अभियान के दौरान अंजना ओम कश्यप और उनके चैनल के लिए अपमानजनक हिंदी शब्दों का इस्तेमाल किया गया. साथ ही उन पर और उनके नेटवर्क पर भ्रष्ट, पक्षपाती और मुनाफे के लिए गलत जानकारी फैलाने जैसे आरोप लगाए गए.
इससे पहले अदालत इस मानहानि मामले में कोई अंतरिम रोक (इंटरिम इंजंक्शन) देने से इनकार कर चुकी है.
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