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मोदी के सेशेल्स सम्मान पर उठे सवाल: गलत स्पेलिंग और एआई का इस्तेमाल
सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वहां पहुंचे तो उनका शानदार स्वागत हुआ. देश ने उन्हें ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ यानी नीले क्षितिज का संरक्षक नामक सम्मान से नवाजा. साथ ही बताया गया कि यह सम्मान पाने वाले वह पहले शख्स हैं.
इसके साथ ही उन्हें एक प्रशस्ति पत्र भी मिला. लेकिन अब सम्मान से ज्यादा चर्चा इसी प्रशस्ति-पत्र की हो रही है. इसे भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से सार्वजनिक किया और यह तेजी से वायरल होने लगा.
दरअसल, अंग्रेजी में लिखे इस प्रमाणपत्र में भाषा की कई गलतियां थीं. जैसे कि 'Republic' की जगह 'Repubblic' लिखा गया था. यहां तक कि सेशेल्स की अंग्रेजी स्पेलिंग भी 'Seychelles' की जगह 'Seycheeles' लिखी गई थी,
इसके अलावा आधिकारिक मुहर पर लैटिन शब्द OPVS को OPUS लिखा गया था.
वहीं, इस बात की भी खूब चर्चा हो रही है कि यह पुरस्कार सेशेल्स की कैबिनेट ने 24 जून को ही मंजूर किया था यानी सम्मान समारोह से केवल चार दिन पहले इस पुरस्कार का ‘जन्म’ हुआ है. जिसके चलते लोग इसकी वैधता पर भी सवाल उठा रहे हैं.
वहीं, इस पूरे विवाद में एक और नया मोड़ तब आ गया, जब लोगों ने कहा कि ये प्रशस्ति-पत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से तैयार किया गया हो सकता है.
यह अटकलें तब और बढ़ गईं जब खबरें सामने आईं कि ओपनएआई के इमेज वेरिफिकेशन टूल ने इस प्रशस्ति पत्र की सार्वजनिक रूप से साझा की गई तस्वीर में सिंथ- आईडी वॉटरमार्क की पहचान की है.
सिंथ- आईडी वॉटरमार्क इस बात का संकेत देता है कि ऑनलाइन साझा की गई तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई हो सकती है.
हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा गया वास्तविक प्रमाणपत्र भी एआई से तैयार किया गया था.
इस पुरस्कार के रहस्य को और बढ़ाने वाली बात यह है कि न तो भारत के विदेश मंत्रालय और न ही सेशेल्स के स्टेट हाउस ने इस प्रशस्ति-पत्र को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है.
ऐसे में स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि करना संभव नहीं है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया ये पत्र वही है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी को समारोह में दिया गया था.
मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था. इस समारोह में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और अफ्रीकी संघ आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ भी मौजूद थे.
इस यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच कुल 19 द्विपक्षीय समझौते और सहयोग संबंधी फैसले हुए. इनमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के लिए 17 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि साथ-साथ आगे बढ़ें.
उन्होंने कहा कि भारत की साझेदारी किसी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित है. सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा दोनों देशों के रिश्तों का केंद्रीय आधार बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स ने समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और सीमा पार अपराधों से मिलकर निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.
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