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मास्टर प्लान 2041: रिज को बचाने में सरकार और जनता की साझी जिम्मेदारी
दिल्ली के रिज क्षेत्र को शहर के फेफड़ों की संज्ञा दी जाती है. यमुना नदी के साथ मिलकर यह शहर के पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. दिल्ली मास्टर प्लान, 2041 में शहर के पर्यावरण और उसके महत्वपूर्ण हिस्सों को संरक्षित और सुरक्षित रखने की नई रूपरेखा पेश की गई है, जिसका उद्देश्य इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाना और बेहतर तरीके से लागू करना है.
दिल्ली का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हरियाली से ढका हुआ है. रिज करीब 7,784 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला एक रिज़र्व फॉरेस्ट है, जो दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का लगभग 5.2 प्रतिशत है.
नया मास्टर प्लान ऐसे शहर की कल्पना करता है, जहां लोगों को साफ़ और स्वस्थ वातावरण मिल सके और शहर प्रदूषण व ग्लोबल वार्मिंग के असर से बेहतर तरीके से निपट सके. रिज को एक संरक्षित वन क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई है, जहां सीमित गतिविधियों की ही अनुमति है.
रिज बायोडायवर्सिटी का एक अहम केंद्र है, जहां कई तरह के जानवर, पक्षी और पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं. यह ग्राउंडवॉटर रिचार्ज में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो दिल्ली जैसे शहर के लिए बेहद जरूरी है.
दिल्ली निवासी पुनीत सिंह कहते हैं कि रिज के संरक्षण के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है और यह काम सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी है.
देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट.
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