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‘दीदी हमारी भारत माता’: ममता की चुनावी रैली में समर्थकों के इमोशन और इकोनॉमी की सियासी परतें
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए अपने प्रचार अभियान को तेज़ कर दिया है. इसी सिलसिले में वह बेलेघाटा में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कुणाल घोष के लिए प्रचार करने पहुंची. यहां उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित किया.
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे राजनीतिक हमले किए. ममता ने इसके साथ ही पीएम के हालिया जनसंपर्क अभियान पर तंज कसते हुए कहा, “वह झालमुड़ी खा रहे हैं. ज़रा मछली खाकर दिखाओ! मैं तो तुम्हारे इलाके का ढोकला भी खाती हूं. मैं तो डोसा और लिट्टी भी खाती हूं.” ज़ाहिर तौर पर यह भाजपा की खान-पान की पसंद पर आधारित राजनीति पर एक निशाना था.
वहीं इस दौरान हमें रैली का माहौल पूरी तरह ममता ‘दीदी’ की भावनात्मक राजनीति के रंग में डूबा नजर आया. हमसे बातचीत में उनकी एक समर्थक सुजाता दास ने कहा, “दीदी हमारे लिए सब कुछ हैं. दीदी हमारी मां हैं. हां, जैसे भारत माता है, वह हमारी मां है. जन्म से लेकर मृत्यु तक, वह हर चीज़ का ध्यान रखती हैं और हमारी सभी ज़रूरतों को पूरा करती हैं.”
दास ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि आर.जी. कर बलात्कार और हत्या मामले को उनकी पार्टी द्वारा जिस तरह से संभाला गया है, उससे बनर्जी को नुकसान पहुंचेगा. उन्होंने पीड़िता की मां के भाजपा में शामिल होने को एक राजनीतिक दांव बताया.
देखिए रैली से हमारी ये खास रिपोर्ट.
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं. इस बार की चुनावी कवरेज एक बड़ा और दो-तीन टीमों का साझा प्रयास है: श्रीनिवासन जैन विशेष इंटरव्यूज़ और ज़मीनी रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं; 'द न्यूज़ मिनट' दक्षिण भारत से आपको हर सियासी अपडेट देगा और 'अनदर इलेक्शन शो' के साथ-साथ हमारे रिपोर्टर, बंगाल और असम की गहराई से पड़ताल करेंगे. इन कहानियों को आप तक लाने में हमारे चुनावी सेना प्रोजेक्ट को सहयोग करें.
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