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एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम पर एक्शन, सवाल पूछने वालों पर सरकार की सख्ती का आरोप
सोशल मीडिया के वे अकाउंट्स जो सरकार की आलोचना करते हैं, नीतियों पर सवाल या अहम सामाजिक मुद्दों को उठाते हैं. अब वे कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं.
इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत अधिकारियों द्वारा ऐसे सेकड़ों अकाउंट्स को नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें अकाउंट्स की पहुंच सीमित करने या कुछ खास पोस्ट हटाने की मांग की जाती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कंटेंट बनाने वाले कई हेंडल्स जैसे मोहम्मद ज़ुबैर, खुरपेंच, नेशनल दस्तक और मॉलिटिक्स को इस तरह के नोटिस मिले हैं.
इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी एक बहस छिड़ी है. वहीं 2 अप्रैल को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया संस्थान मॉलिटिक्स द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई. जिसमें बिना स्पष्ट कारण नोटिस भेजे जाने पर सवाल उठाए गए.
इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संजय सिंह, मॉलिटिक्स के संपादक नीरज झा, स्टैंड अप कॉमेडियन राजीव निगम और नेशनल दस्तक के संपादक शंभु कुमार शामिल हुए.
आरोप लगाया कि सरकार उन अकाउंट्स पर कार्रवाई कर रही है जो सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने इसे ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ पर सीधा हमला बताया.
मॉलिटिक्स के संपादक नीरज झा ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि कभी न कभी ऐसा होगा, लेकिन इतनी जल्दी कार्रवाई होगी, इसकी उम्मीद नहीं थी.
वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, “पत्रकारों पर भी मुकदमे हुए हैं. कुल मिलाकर सरकार का जो डर है वह काम करने लगा है. आपको यह लड़ाई जारी रखनी होगी, हम आपके साथ खड़े रहेंगे.”
सांसद मनोज कुमार झा ने एक्स पर लिखा, “75 साल पहले भी आवाज़ उठती थी और 75 साल बाद भी उठती रहेगी.”
संदीप, सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट संदीप नाम से सक्रिय हैं. वे न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, “उन्हें 19 मार्च को एक ईमेल मिला जिसमें उनके कंटेंट पर रोक लगाने का जिक्र किया गया. उनका कहना है कि यह कदम सरकार के दबाव में उठाया गया है.”
देखिए पूरी वीडियो रिपोर्ट-
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