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गैस संकट: गिग वर्कर की कमाई घटी, क्लाउड किचन के चूल्हे भी ठंडे पड़े
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का असर भारत के तमाम सेक्टर्स की तरह गिग इकॉनमी पर भी दिख रहा है. गैस संकट के चलते कई रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या फिर कोयला अथवा बिजली के चूल्हे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. इससे खाना बनाने की रफ्तार धीमी हो गई है, जिसका सीधा असर ऑनलाइन ऑर्डर्स पर भी पड़ रहा है.
गिग वर्कर्स इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. उनके ऑर्डर कम हो गए हैं और जहां ऑर्डर मिल भी रहे हैं, वहां देरी हो रही है. ऐसे में वे अपने दिन के टारगेट पूरे नहीं कर पा रहे, जिससे उनके इंसेंटिव भी घट गए हैं.
दूसरी ओर, उनका रोज़ का खर्च बढ़ गया है. जो खाना पहले 50 रुपये में मिल जाता था, अब वही 60–70 रुपये में मिल रहा है. जिनके पास पाइप्ड गैस नहीं है, उन्हें ब्लैक में लगभग 300 रुपये प्रति किलो की दर से एलपीजी खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
देखिए गैस संकट के गिग इकॉनमी और क्लाउड किचन पर पड़ रहे असर पर हमारी ये खास रिपोर्ट.
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