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कोर्ट से ‘क्लीन चिट’ के बाद जंतर-मंतर पर केजरीवाल का ‘शक्ति प्रदर्शन’
दिल्ली आबकारी नीति मामले में ‘क्लीन चिट’ मिलने के बाद पहली बार अरविंद केजरीवाल रविवार को जनता के बीच नजर आए. उन्होंने न सिर्फ अदालत का आभार व्यक्त किया, बल्कि इसे एक ऐतिहासिक फैसला भी बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर हुआ.
हालांकि, यह प्रदर्शन पहले से ही आयोजित था लेकिन इस बीच दिल्ली की अदालत से आए फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल खुद भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए.
इस दौरान उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों, मोहल्ला क्लीनिक, डीटीसी और डीएमआईटीएस में काम करने वाले कर्मचारियों और नौकरीपेशा लोगों के मुद्दों का भी जिक्र किया. हमने रैली में आए लोगों से बात की. इस रैली में आतिशी, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल शामिल थे.
वहीं, सीबीआई ने इस मामले को ट्रायल कोर्ट में चुनौती दी है लेकिन आम आदमी पार्टी का जश्न अभी भी जारी है. दिल्ली निवासी गीता रावत ने कहा, “भाजपा ने अपनी राजनीति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गलत आरोप लगाए और उन्हें जेल भेज दिया.”
वहीं, राजेश कुमार ने कहा,“बीजेपी के आने के बाद मेरी नौकरी चली गई. मेरे दो बच्चे हैं. एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है और दूसरा देहरादून में पढ़ रहा है. उसकी फीस मैं कहां से दूं? मेरे पास कोई और साधन नहीं है. हमारी सेवा 31 मार्च तक थी, लेकिन उससे पहले ही हमें हटा दिया गया.”
देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट.
मणिकर्णिका घाट से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक, उजड़े (ढहा दिए गए) घरों और खामोश हो चुके मोहल्लों के बीच यह सीरीज़ बताएगी कि कैसे तोड़फोड़ की राजनीति बनारस की सिर्फ़ इमारतें नहीं, उसकी आत्मा को भी बदल रही है. बनारस पर हमारे इस सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करिए.
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