Video
एआई समिट में प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने बताया ‘साजिश’, युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के लोगों द्वारा अर्ध-नग्न प्रदर्शन करने का मामला अब और तूल पकड़ गया है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां पुलिस ने उन्हें इस अर्ध-नग्न प्रदर्शन का मुख्य साजिशकर्ता बताया. इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की.
महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सूरज मौर्य ने कहा, “ये देशभर के युवाओं को डराना चाहते हैं ताकि वह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन ना करें. यह तानाशाही है."
वहीं, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी ने कहा, “इस गिरफ्तारी के खिलाफ हम देश भर में प्रदर्शन करेंगे ताकि सरकार को पता चले की इस देश में जनता मालिक है, सरकार नहीं.”
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक युवा कांग्रेस से जुड़े कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.
दिल्ली पुलिस ने उदय भान को इस प्रदर्शन का “मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड” बताया है. पुलिस ने उदय भानु के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की 10 धाराओं में मामला दर्ज किया है. इनमें धारा 61(2) भी शामिल है, जो आपराधिक साजिश से संबंधित है.
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उदय भानु की सात दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की. हालांकि, उनके वकील रुपेश सिंह भदौरिया के विरोध के बाद अदालत ने चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की. इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य सात आरोपियों को भी चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में भदौरिया ने कहा, “पुलिस द्वारा लगाई गई सभी धाराओं में सजा सात साल से कम है. कानून के अनुसार उदय को पुलिस कस्टडी में नहीं भेजा जाना चाहिए था. पुलिस कानून का मजाक बना रही है.”
वहीं, दोपहर बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने की “पूर्व नियोजित कोशिश” की गई, जिसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी घायल हुए. उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि यह घटना एक साजिश का हिस्सा थी, जिसके बाद बीएनएस की धारा 191(1) और 192 भी जोड़ी गई हैं. ये धाराएं दंगा और उकसावे से संबंधित हैं.
उन्होंने बताया कि मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल को सौंप दी गई है.
देखिए ये वीडियो रिपोर्ट.
मणिकर्णिका घाट से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक, उजड़े (ढहा दिए गए) घरों और खामोश हो चुके मोहल्लों के बीच यह सीरीज़ बताएगी कि कैसे तोड़फोड़ की राजनीति बनारस की सिर्फ़ इमारतें नहीं, उसकी आत्मा को भी बदल रही है. बनारस पर हमारे इस सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करिए.
Also Read
-
Your favourite viral column might have been written by AI. Now what?
-
A trail of grief, little accountability: The Marion Biotech story after 68 children deaths
-
Mission Vatican in Kashi: The battle between ideology and faith
-
UoH student Mayukh dies by suicide, mob harassment and assault alleged
-
Ring of concrete: The seven flyovers that will cost Hyderabad a national park