Khabar Baazi
इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स ने ब्लॉक की पीएम मोदी पर द वायर की पैरोडी एनिमेशन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स ने द वायर की एक पैरोडी एनिमेशन को भारत में ब्लॉक कर दिया है. इतना ही नहीं, इसी वीडियो के सिलसिले में द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट भी भारत में करीब दो घंटे के लिए ब्लॉक रहा. हालांकि, इंस्टाग्राम का दावा है कि ऐसा गलती से हुआ.
उल्लेखनीय है कि द वायर ने लोकप्रिय बालगीत “लकड़ी की काठी” की धुन पर 52 सेकंड का एक व्यंग्यात्मक एनिमेशन वीडियो बनाया है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा गया था कि उन्होंने संसद में रिटायर्ड जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब से जुड़े सवालों का जवाब देने से परहेज किया. नरवणे के संस्मरणों को प्रकाशक पेंग्विन ने किताब के रूप में प्रकाशित किया है. इन संस्मरणों में 2020 में चीन के साथ हुए सैन्य गतिरोध का जिक्र बताया गया है.
विपक्षी ने इस संस्मरण के एक हिस्से को मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाया था कि 2020 के सैन्य टकराव के दौरान सेना को स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए थे. हालांकि, इस मामले पर अब तक संसद में कोई चर्चा नहीं होने दी गई है.
वायर ने यह एनिमेटेड वीडियो 7 फरवरी को शाम 6:30 बजे इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर पोस्ट किया गया था, लेकिन भारत में अब इसे देखा नहीं जा सकता है. हालांकि, दर्शक इस क्लिप को यूट्यूब और ब्लूस्काई पर देख सकते हैं.
इसके अलावा सोमवार को द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट भी भारत में करीब दो घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया गया. मालूम हो कि द वायर के इंस्टाग्राम पर 13 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. सोमवार शाम उनके इंस्टाग्राम पेज पर जाने वाले लोगों को एक मैसेज दिखाई दिया, जिसमें लिखा था कि यह अकाउंट ‘भारत में उपलब्ध नहीं है… क्योंकि हमने इस कंटेंट को ब्लॉक करने के कानूनी अनुरोध का पालन किया है.’ केवल वीपीएन इस्तेमाल करने वाले या भारत के बाहर के लोग ही उस दौरान उनका अकाउंट देख पा रहे थे.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कथित तौर पर द वायर से कहा कि उन्होंने खास तौर पर उनका अकाउंट ब्लॉक नहीं कराया, लेकिन द वायर का कहना है कि उन्हें “अनौपचारिक रूप से पता चला कि मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर 52 सेकंड के व्यंग्यात्मक कार्टून को ब्लॉक करने के लिए मेटा से कहा था और सोशल मीडिया कंपनी ने ‘गलती से’ द वायर का पूरा इंस्टाग्राम हैंडल ब्लॉक कर दिया.”
9 फरवरी रात 8:30 बजे तक द वायर का मुख्य इंस्टाग्राम अकाउंट बहाल हो गया, लेकिन कार्टून अब भी वहां और फेसबुक पर उपलब्ध नहीं है.
आईटी एक्ट के मुताबिक, संबंधित मंत्रालय को किसी खास कंटेंट को ब्लॉक करने से पहले प्रकाशक को सूचित करना अनिवार्य होता है, लेकिन द वायर का दावा है कि उन्हें “कोई लिखित सूचना नहीं मिली.”
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने द वायर के कंटेंट पर रोक लगाई हो. मई, 2025 में उनकी वेबसाइट एक पूरे दिन के लिए ब्लॉक कर दी गई थी. यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया था जिसमें सीएनएन की उस खबर का जिक्र था, जिसमें पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल विमान गिराने का दावा किया था. वेबसाइट बहाल कराने के लिए मंत्रालय ने कथित तौर पर उनसे वह खबर हटाने को कहा, जिसे उन्होंने मान लिया, लेकिन इसे प्रेस की आजादी का उल्लंघन बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही.
इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने 9 फरवरी को जनरल एमएम नरवणे की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के कथित लीक की जांच शुरू कर दी है. यह मामला स्पेशल सेल को सौंपा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रक्षा मंत्रालय की मंजूरी की प्रक्रिया से गुजर रही इस अप्रकाशित किताब के अंश सोशल मीडिया पर कैसे पहुंच गए.
वहीं, इस मामले पर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भी बयान जारी कर कहा है कि इस संस्मरण के विशेष प्रकाशन के अधिकार उसके पास हैं और किताब अभी आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं हुई है.
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और उस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
Also Read
-
‘We are scared to sit inside’: MP govt spends crores on ads, this school waits years for repairs
-
Private players should not replicate ISRO’s efforts: G Madhavan Nair writes
-
A thumbnail assignment, Rs 3.87 cr, and no work order: The questions around Prasar Bharati’s Waves
-
Forget newspaper ads, DKS takes govt messaging into Kannada serials
-
प्रचार पर करोड़ों फूंकने वाले मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल को सालों से मरम्मत का इंतजार