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पुलिस, प्रशासन और तैयारी- तीनों नाकाम! नोएडा में युवक की मौत ने उठाए सवाल
27 वर्षीय इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद से नोएडा पुलिस और प्रशासन सवालों के घेरे में है. नोएडा के सेक्टर-150 के स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है. युवराज के पिता ने तो बेटे की मौत के लिए प्रशासन के लापरवाही को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह आरोप लगाया पुलिस शुरुआत में युवराज की मदद इसलिए नहीं कर पाए क्योंकि पुलिस के पास जो रस्सी थी, वह बेटे तक पहुंच नहीं पा रही थी.
हमसे बातचीत में युवराज के दोस्त पंकज भी कुछ ऐसी ही बातों को दोहराते हुए कहते हैं, “मेरा दोस्त 2 घंटे डूबती कार की छत से मदद की गुहार लगाता रहा लेकिन रेस्क्यू टीम ने कुछ नहीं किया.”
वह आगे कहते हैं, “युवराज खुद कहता था कि इंडिया में सुरक्षा के इंतजा नहीं हैं. ना सड़कें अच्छी हैं, ना सुविधाएं अच्छी हैं. वह अपनी दीदी के पास यूएसए में शिफ्ट होना चाहता था. लेकिन जिस तरह से उसकी मौत हुई है, उसे देखकर लगता है कि वह बिल्कुल सही कह रहा था.”
हालांकि, युवराज की मौत के चार दिन बीत जाने के बाद भी उनकी गाड़ी को बाहर नहीं निकाला जा सका है.
वहीं, स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. लोगों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले ठीक उसी जगह पर एक ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था लेकिन ड्राइवर की जान बच गई थी. वह कहते हैं कि अगर प्रशासन उसी समय हरकत में आता और सड़क पर रोशनी, साइन बोर्ड और बैरिकेडिंग लगा देता तो शायद युवराज की जान बच जाती.
देखी हमारी यह वीडियो रिपोर्ट.
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