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हेमलता काला: जिसने 15 साल पहले पहचान ली थी दीप्ति शर्मा की प्रतिभा
2 नवंबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए महिला विश्वकप फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस जीत के बाद देशभर में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सराहना हो रही है.
इस विजय में आगरा की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. लेकिन दीप्ति की इस सफलता के पीछे आगरा का एक और बड़ा नाम है, हेमलता काला.
जब भी दीप्ति शर्मा का ज़िक्र होता है तो उनके साथ हेमलता काला का नाम भी सामने आता है. दरअसल, करीब 15 साल पहले हेमलता काला ने ही सबसे पहले दीप्ति के टैलेंट को पहचाना था. उन्होंने दीप्ति के भाई सुमित शर्मा को सलाह दी थी कि वह अपनी बहन को क्रिकेट में आगे बढ़ाए. इसके बाद सुमित ने अपना पूरा ध्यान दीप्ति के क्रिकेट करियर पर लगाया और उन्होंने दीप्ति को यहां तक पहुंचाया. इस बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई और नौकरी की भी परवाह नहीं की.
बता दें कि हेमलता काला खुद भारतीय महिला टीम की अहम सदस्य रह चुकी हैं. उन्होंने 2005 के महिला विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. उनके भाई भी अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके हैं और फिलहाल आगरा में एक क्रिकेट अकादमी चलाते हैं, जहां दीप्ति भी कभी-कभी प्रैक्टिस के लिए जाती हैं. हमने हेमलता काला से दीप्ति के करियर और क्रिकेट खेल में महिलाओं की भूमिका समेत इसमें समय-समय पर आए बदलावों को लेकर बात की.
हेमलता काला कहती हैं कि अब महिला क्रिकेट काफी बदल चुका है. हम ट्रेन से सफर करके क्रिकेट खेलने जाते थे. पैसे के नाम पर 1000 रुपये भी नहीं मिलते थे. तब हम 6-6 लोग धर्मशालाओं में एक कमरे में रुकते थे लेकिन आज महिलाएं फ्लाइट से क्रिकेट खेलने जाती हैं, 5-7 स्टार होटलों में रुकती हैं. काफी बदलाव आया है.
देखिए उनसे हुई ये बातचीत.
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