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लाल किला धमाके के चश्मदीदों ने बताया डरावना सच
लाल क़िले के पास हुए धमाके में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज़्यादा घायल बताए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है और सभी पहलुओं की जांच शुरू हो चुकी है. हालांकि, धमाके की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है.
न्यूज़लॉन्ड्री की टीम धमाके के कुछ ही मिनटों बाद मौके पर पहुंची, जहां उसने हादसे के बाद सदमे में आए लोगों, जली हुई गाड़ियों और राहतकर्मियों की हलचल को करीब से देखा.
ऐसे ही एक चश्मदीद अपेंद्र यादव ने बताया कि जब धमाका हुआ तो वह लाल किले के पास ही अपने ठेले पर लिट्टी चोखा बेच रहे थे. धमाके के बाद वह लोग तुरंत अपनी जान बचाने के लिए भागे.
हादसे के एक और गवाह दीप किशोर ने बताया कि वह पास में एलईडी लाइट रिपेयर की दुकान पर काम करते हैं. जब धमाका हुआ तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा की लोगों की लाशें जमीन पर बिखरी पड़ी हैं. दीप के मुताबिक कम से कम तीन कारें धमाके में उड़ गई थी.
गौरतलब है कि इससे कुछ घंटे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा में करीब 3,000 किलो विस्फोटक बरामद किए थे, जिसमें लगभग 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था. इस बरामदगी के बाद संभावित कड़ियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि जांच अभी “बहुत शुरुआती चरण” में है.
देखिए न्यूज़लॉन्ड्री की ग्राउंड रिपोर्ट.
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