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धर्मस्थला में सामूहिक दफन की जांच: खुदाई के तीसरे दिन मिले मानव अवशेष
धर्मस्थला में खुदाई के तीसरे दिन मानव अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है. एसआईटी कथित सामूहिक दफन मामलों की जांच कर रही है. एसआईटी को ये अवशेष बीते 29 जुलाई को नेत्रावती नदी के पास ‘स्पॉट 6’ से मिले हैं. यह उन 13 स्थानों में से एक है, जहां एक सूचनाफाशकर्ता (व्हिसलब्लोअर) ने 1995 से 2014 के बीच कई शव दफनाने का दावा किया था. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंकाल के कौन-कौन से हिस्से बरामद हुए हैं.
अब तक की जांच में इसे एसआईटी को मिली सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है. मालूम हो कि पूर्व सफाईकर्मी द्वारा किए गए सनसनीखेज दावों के बाद यह पहली बड़ी खोज है, जब एसआईटी ने जब से उस सफाईकर्मी के बताए स्थानों पर खुदाई शुरू की है. खुदाई का यह तीसरा दिन था और पहली बार मानव अवशेष बरामद हुए हैं. एसआईटी आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित स्थलों पर भी खुदाई जारी रखने वाली है.
धर्मस्थल मंदिर में सफाईकर्मी रहे इस ब्हिसलब्लोअर का आरोप है कि पिछले 20 सालों में उसे अपने अधिकारियों के कहने पर कई शवों को दफनाना पड़ा. उसका दावा है कि इनमें कई महिलाएं और लड़कियां थीं, जिनके साथ संभवतः यौन शोषण हुआ था.
28 जुलाई को यह सफाईकर्मी एसआईटी टीम को स्नान घाट के पास उन कथित दफन स्थलों पर ले गया जो नेत्रावती नदी के करीब हैं. जब वह प्रत्येक स्थल की पहचान करवा रहा था तब राजस्व, वन और अन्य विभागों के अधिकारी भी एसआईटी के साथ मौजूद थे.
धर्मस्थल में कथित सामूहिक दफनों के आरोप पहली बार जून के अंत में सामने आए, जब इस शख्स का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया. इस शख्स ने 3 जुलाई को धर्मस्थल पुलिस स्टेशन में अपने वकीलों के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने अगले दिन एफआईआर दर्ज की.
11 जुलाई को बेल्थंगडी कोर्ट ने बीएनएसएस की धारा 183 के तहत उसका बयान दर्ज किया, जिसके बाद उसने एसआईटी को दफन स्थलों तक ले जाने पर सहमति दी. एसआईटी अब इन मानव अवशेषों की पहचान की पुष्टि करने और अन्य चिन्हित स्थलों पर और शवों की मौजूदगी की जांच करने में जुटी है.
मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित रिपोर्ट को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
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