NL Tippani
जज्बाती अंकल, डंकापति, एनडीटीवी और पप्पू यादव
लंबे वक्त के बाद डंकापति की वापसी हो रही है. साथ में एनडीटीवी इंडिया की खबर. इस चैनल ने धचके के साथ गोदी मीडिया के सर्कस में एंट्री का ऐलान पिछले हफ्ते किया. एनडीटीवी का निजाम बदला तो लगे हाथ खबरों का मिज़ाज भी बदल गया. यह एनडीटीवी के सुदर्शन टीवी बनने का शुरुआती कदम है. जिस प्रेमभाव से मौलाना और पुरोहित एकमत होकर पत्रकारिता को परवान चढ़ा रहे हैं वह एनडीटीवी की पत्रकारिता का अविस्मरणीय पल है.
लगे हाथ आईप इस हफ्ते टिप्पणी में एक नया सेगमेंट देखिए जज़्बाती अंकल. हमें उम्मीद है कि जज़्बाती अंकल की कहानी आपको पसंद आएगी. साथ ही हम देश के तमाम धांधलीपसंद, तिकड़मबाज, मुफ्तखोर और घपलेबाजों के आदर्श अनिल अंबानी की बात भी करेंगे.
Also Read
-
Rs 3,350-cr MoU, 70,000 jobs: A Yogi govt AI investment deal is now under fraud cloud
-
343 posts since May, but India’s exam crisis barely exists in the education minister’s timeline
-
‘This is a Sangh village’: Inside Kerala’s new Hindutva strongholds
-
Shamli’s conversion story falls apart when its ‘victim’ speaks. But Aaj Tak calls him brainwashed
-
‘Attack on free press, fishing exercise’: HC quashes PMLA case against NewsClick