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एनएल चर्चा 370: भारत-पाक के बीच बढ़ता तनाव और समाचार चैनलों पर फर्जी ख़बरों के हूटर
इस हफ्ते चर्चा में भारत और पाकिस्तान के बीच दिनों-दिन बढ़ते सैन्य तनाव और इसे युद्ध बताने में जुटे मीडिया चैनल्स पर विस्तार से बात हुई. साथ ही इस दौरान चैनलों में पर आई फर्जी ख़बरों की बाढ़ और सेना एवं विदेश मंत्रालय द्वारा दी जा रही संयमित और संतुलित जानकारी को लेकर भी चर्चा हुई.
इस हफ्ते भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में पहलगाम हमले के जवाब में की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक कार्रवाई, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सर्वदलीय बैठक में इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा पाकिस्तानियों के मारे जाने की सूचना देना, भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के हमलों को नाकाम करना, गृह मंत्रालय द्वारा देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान और महिला आयोग द्वारा शहीद विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने की निंदा करने जैसी ख़बरें भी सुर्खियों में रहीं.
इसके अलावा चीफ जस्टिस संजीव खन्ना समेत सुप्रीम कोर्ट के 21 जजों द्वारा अपनी व्यक्तिगत आर्थिक जानकारी सार्वजनिक करने, नैनीताल में नाबालिग से बलात्कार के मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट का एसएसपी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपने के अलावा भारत और यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौते(FTA) पर हुए हस्ताक्षर भी चर्चा में रहे.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, ‘8-9 मई को भी भारत में 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिशें हुईं, सीमा से लगे देशों में ब्लैकआउट किया गया. भारत ने लाहौर और सियालकोट तक जवाबी हमले किए. इस बीच कई भ्रामक और फर्जी सूचनाओं की भी सोशल मीडिया पर बाढ़ सी आई दिखी.’
इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, ‘युद्ध की स्थिति में एक अच्छे पत्रकार का काम है कि सही जानकारी दे, और जो जानकारी छुपाई जा रही है, उसे देशहित के लिए सामने लाए.’
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड
00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना
02:55 - सुर्खियां
13:10 - भारत-पाकिस्तान तनाव
1:06:36- मीडिया में भ्रामक खबरें
1:36:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:50:32 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
किताब - इन देयर ओन वर्ड्स: अंडरस्टैंडिंग लश्कर ए तय्यबा
किताब - फाइटिंग टू द एन्ड: द पाकिस्तान आर्मीज वे ऑफ वॉर
रविंद्र नाथ टैगोर की कविता - याद आना
मैथिलीशरण गुप्त का काव्य - उर्मिला
विकास जांगड़ा
यूट्यूब चैनल - प्रसार भारती आर्काइव्स
हृदयेश जोशी
किताब - विमेन इन द वाइल्ड
अतुल चौरसिया
किताब - कश्मीर द वाजपेयी ईयर्स
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: मेघा भरद्वाज /तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद, तीसता रॉय चौधरी
संपादन: आशीष आनंद
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