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एनएल चर्चा 366: राज्यपाल के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के विचार और राज ठाकरे की ‘हेट पॉलिटिक्स’
इस हफ्ते महाराष्ट्र में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी बनाम गैर मराठी विवाद को तूल देने और तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा प्रदेश की विधानसभा द्वारा पारित 10 विधेयकों को रोकने को सुप्रीम कोर्ट द्वारा मनमानी और अवैध करार दिए जाने के आलोक में केंद्र बनाम राज्यों के संघर्ष को लेकर विस्तार से बातचीत हुई.
इसके अलावा 2008 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को दिल्ली लाया जाना, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर नए टैरिफ लगाना, यूरोपीय संघ द्वारा अमेरिका के खिलाफ टैरिफ लगान, वक्फ संशोधन बिल के विरोध में भड़की हिंसा में 22 प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी, 2024-2025 में चरम पर रहा वायु प्रदूषण, वाराणसी में 19 वर्षीय पीड़िता से सात दिन तक 23 लोगों ने किया बलात्कार और शौचालय ब्रेक की मांग खारिज होने पर लोको पायलटों के संगठन द्वारा रेलवे बोर्ड के फैसले की आलोचना आदि ख़बरें भी सुर्खियों का हिस्सा बनी.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान द न्यूज मिनट की पूजा प्रसन्ना, अंग्रेजी दैनिक द हिन्दू की महाराष्ट्र ब्यूरो चीफ विनया शामिल हुई. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और हृदयेश जोशी ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा बिलों को रोके जाने को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त शब्दों में अवैध करार दिए जाने पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “हमेशा हम देखते हैं कि विपक्षी दलों की सरकारों पर केंद्र सरकार राज्यपालों के जरिए अड़ंगा लगाने की कोशिश करती रही है.”
इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए पूजा कहती हैं, “5- 6 महीने तक बिल को लटकाए रखना असंवैधानिक है. सुप्रीम कोर्ट ने भी यही बोला है, आप इतिहास देखेंगे तो आपको यही दिखेगा.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना
03:21- सुर्खियां
13:05 - सीआरईए की वायु प्रदूषण पर रिपोर्ट
17:17- तमिलनाडू के राज्यपाल की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
35:54 - मराठी बनाम गैर मराठी की राजनीति
1:17:16- मुंबई हमलों के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण
01.26.50 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
अतुल चौरसिया
फ़िल्म - सुपर बॉयज़ ऑफ मालेगांव
हृदयेश जोशी
अहमद राशिद की तीन किताबें
शार्दूल कात्यायन
हुसैन हक्कानी की दो किताबें
फीचर सीरीज़: इनविन्सीबल
पूजा प्रसन्ना
श्रीकर राघवन की किताब- रामा, भीमा, सोमा
भगत सिंह की किताब- मैं नास्तिक क्यों हूं
नेटफ्लिक्स सीरीज़- द रेजीडेंस
एक्सप्लेनर- लेट मी एक्सप्लेन
ग्राउन्ड रिपोर्ट- Auroville
विनया देशपांडे
मार्मिक पत्रिका के पुराने अंक
सय्याजीराव गायकवाड़ का भाषिक अस्मिता पर भाषण
ट्रांसक्रिप्शन: विकास जांगड़ा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद, तीस्ता रॉय चौधरी
संपादन: आशीष आनंद
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