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एनएल चर्चा 362: औरंगजेब पर बवाल और नफरती सियासत के बीच होली का त्योहार
इस हफ्ते फिल्म छावा से उठे औंरंगज़ेब को लेकर विवाद और संभल के सर्किल ऑफिसर अनुज चौधरी द्वारा होली और जुमा एक दिन पड़ने पर विवादित टिप्पणी किए जाने को लेकर विस्तृत बातचीत हुई.
इसके अलावा महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस द्वारा औरंगज़ेब के मक़बरे को शंभाजी नगर से हटाए जाने की मांग के समर्थन करने, जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में फैशन शो के बाद राजनीतिक तनाव पैदा होने, यूपी के सीएम द्वारा संभल के सीओ अनुज चौधरी की विवादित टिप्पणी का समर्थन करने, म्यांमार में बंदी बनाए गए 283 भारतीयों को छुड़ाने और वैश्विक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2024 में दिल्ली के दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी में शुमार होने आदि की ख़बरें भी हफ्तेभर तक सुर्खियों में रही.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और इतिहास की स्कॉलर रुचिका शर्मा शामिल हुईं. वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और स्तंभकार आनंद वर्धन ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब पर चल रहे विवाद को लेकर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “औंरगजेब के कामकाज, राजनीति, जो वह समय था, जिस तरह का व्यक्तित्व था औंरंगज़ेब का, आज के समय में उसे कैसे देखा जाना चाहिए?”
इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए रुचिका कहती हैं, “आज हम चीज़ों को धर्म में बांट देते हैं, इसलिए हम समझ नहीं पाते लेकिन यह असल में राजपूत वर्सेज़ मराठा फाइट थी, जो दो अलग-अलग साम्राज्यों के लिए लड़ी जा रही थी. मराठा बिल्कुल अलग थे और मुस्लिम हुकूमत बिलकुल अलग थी, यह सोचना ग़लत है. वहीं औरंगज़ेब की बात करें तो उसकी यह छवि अंग्रेज़ों ने बनाई थी.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना
04:00 - सुर्खियां
13:20 - औरंगज़ेब को लेकर विवाद
01:03:00 - होली पर संभल के सीओ का विवादित बयान
01:30:42 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
पुणे शहर पर प्रतीक गोयल की रिपोर्ट
फिल्म - ब्लैक फ्राइडे
आनंद वर्धन
मिंट पर मनु जोसेफ के लेख
1. हाउ एंटरटेनमेंट गॉट बोरिंग इन द एज ऑफ़ स्ट्रीमिंग
2. अमेरिका एंड द बेयरेबल लोनलिनेस ऑफ़ लूज़िंग द वेस्ट
3. अवर पॉलिटिक्स इस यूज़अली शेप्ड बाई द पीपल वी डिसलाइक
स्क्रॉल पर गिरीश शहाणे का लेख
डॉ रुचिका शर्मा
नेटफ्लिक्स सीरीज़ - कंक ऑन अर्थ
अतुल चौरसिया
किताब - द मैन एंड द मिथ
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: तीस्ता रॉय चौधरी
एडिटिंग: हसन बिलाल
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