SO SKETCHY
हवा का हक़: हम दो, हमारा और कोई ना हो!
दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि अब लोग अपने बच्चों को यहां की हवा में सांस लेते नहीं देखना चाहते. इस कार्टून में एक दंपत्ति इसी प्रदूषण को लेकर अपने होने वाले बच्चे के प्रति चिंता करते हुए नजर आ रहा है.
आपको क्या लगता है? हम कोई फसाना बयां कर रहे हैं? नहीं, यही इन दिनों दिल्ली की हकीकत है. इसलिए हमने #FightToBreathe यानि हवा का हक़ मुहिम शुरू की है. जो न्यूज़लॉन्ड्री, विशेषज्ञों, पाठकों और आपके सहयोग से आगे बढ़ेगी. हम सिर्फ गाहे-बगाहे नहीं बल्कि लगातार प्रदूषण के मूल कारणों की पड़ताल करेंगे, सरकार द्वारा उठाए कदमों को परखने की कोशिश करेंगे और साथ ही विशेषज्ञों की सलाह से इसका संभावित हल भी ढूंढेंगे.
इस मुहिम में केवल ख़बरें, रिपोर्ट या राउंड टेबल चर्चाएं नहीं बल्कि व्यंग्य भी हमारा साधन होगा.
यह कार्टून वायु प्रदूषण को लेकर हमारी मुहिम ‘हवा का हक’ का हिस्सा है. आप इससे कैसे जुड़ सकते हैंं, जानने के लिए यहां क्लिक करें और हमें समर्थन देने के लिए यहां क्लिक करें.
Also Read: हवा का हक़: साल नया, समस्या पुरानी
Also Read: हवा का हक़: साल नया, समस्या पुरानी
Also Read
-
The world is in a mess. It’s time to retire the gerontocrats
-
Inside Brazil’s divided democracy
-
Surviving a punishing Church: The story of Sr Ranit and Stand By Me
-
Uttarakhand ERO refused BJP worker’s bulk Form 7 objections. After ECI complaint, 5,359 were accepted
-
उत्तराखंड: ईआरओ ने ठुकराईं भाजपा कार्यकर्ता की थोक में आपत्तियां, दिल्ली में शिकायत के बाद स्वीकार