Ground Report Videos
बहराइच के अंदरूनी इलाकों में दंगाइयों द्वारा मचाई गई तबाही की पहली ग्राउंड रिपोर्ट
यूपी का जिला बहराइच सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है. रविवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान दो पक्षों में हुई कहासुनी के बाद इलाके में हिंसा फैल गई. नतीजा ये रहा कि इस हिंसा में एक युवक की मौत के बाद बहराइच दंगे की चपेट में आ गया.
दरअसल, 13 अक्टूबर रविवार को बहराइच जिले के हरदी थाना क्षेत्र के महाराजगंज बाजार से प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली जा रही थी. यात्रा के दौरान डीजे बजाया जा रहा था. स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, डीजे पर कुछ ऐसा गाना बजाया जा रहा था, जिससे कि तनाव की स्थिति बन गई. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस गाने का विरोध करते हुए इसे बंद करने को कहा. यहीं से बवाल शरू हो गया. इस बीच यात्रा में शामिल रेहुआ मंसूर गांव निवासी 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा एक घर की छत पर चढ़ कर वहां लगे हरे रंग के झंडे को उतारकर भगवा ध्वज फहराने लगा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है.
आरोप है कि इससे नाराज मुस्लिम पक्ष के लोग उसे घसीट ले गए और पिटाई के बाद हत्या कर दी. हत्या के बाद शुरू हुआ बवाल बहराइच में दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा. महसी तहसील गेट पर हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन किया. हत्या से गुस्साए लोगों ने सोमवार को आगजनी व तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया.
न्यूज़लॉन्ड्री की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की. घटनास्थल से 15 किलोमीटर पहले से ही भारी पुलिस तैनात है. वाहनों की एंट्री पर बैन है. अघोषित कर्फ्यू जारी है. इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. घटनास्थल तक कई जगहों पर भारी बैरिकेडिंग है. जहां पर हमें भी रोका गया. हालांकि, प्रेस कार्ड दिखाने के बाद एंट्री मिल गई.
इस बीच रास्ते में कई वाहन जलते मिले. दुकानें बंद पड़ी हैं, माहौल इतना खराब है कि इलाके में कोई बात करने को तैयार नहीं है. लोग गाड़ी देखकर ही घरों में छुप रहे हैं. मौके पर पहुंचने पर कई घरों, दुकानों और वाहनों में आग लगी दिखती है. बाइक शोरूम, अस्पताल और मेडिकल स्टोरी आदि को आग के हवाले कर दिया गया है.
जिनके घरों में आगजनी की गई है, उन्होंने फिलहाल हरदी पुलिस चौकी में शरण ली हुई है. वहीं, आगजनी के आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
हमने आगजनी के पीड़ितों से बात की. इसके अलावा मृतक मिश्रा के परिजनों से भी बात की.
देखिए बहराइच के अंदरूनी इलाकों से हमारी ये पहली वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
‘Disastrous’: Modi govt allows commercial plantations in forests, drops safeguards
-
Hostel for SC/ST girls in Ghaziabad now ‘houses only snakes, not students’
-
जेएनयू में 5 जनवरी की रात क्या हुआ? कैंडल मार्च, नारे और पूरा विवाद
-
Behind JNU’s latest ‘media trial’: What happened on the night of January 5?
-
Jan 8, 2026: What changes when you step indoors in Delhi’s pollution?