Khabar Baazi
गाजियाबाद में मुस्लिम युवक की पिटाई वाले वायरल वीडियो का ‘पूरा सच’
सोशल मीडिया पर बुधवार सुबह से एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवक और युवती बाइक से आते दिख रहे हैं. तभी कुछ युवक उन्हें रोकते हैं और बाइक सवार युवक की पिटाई शुरू कर देते हैं. इस वीडियो को अब तक हजारों बार शेयर किया जा चुका है.
यह वीडियो कांग्रेस नेता पंखुरी पाठक समेत सैकड़ों लोगों ने साझा किया है. लगभग चालीस सेकेंड का वीडियो साझा करते हुए ज़्यादातर लोगों ने लिखा कि गाजियाबाद में स्कूल से लौट रहे भाई-बहन को बीच सड़क पर पीटा जा रहा है. इस लड़के की सिर्फ इतनी गलती है कि इसने अपने नबी की शान में जो गुस्ताखी हुई थी उसका विरोध किया था.
जब वीडियो बहुत ज्यादा वायरल होने लगा और लोग गाजियाबाद पुलिस को टैग करने लगे तो पता चला कि वीडियो की सच्चाई कुछ और है.
जांच में सामने आया कि वीडियो हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र का है. इसमें मौजूद युवक-युवती भाई-बहन नहीं हैं. दरअसल, वीडियो में मौजूद लड़की ने लड़के के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया है.
बता दें कि घटना 28 सितंबर को हुई थी. जिसको लेकर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74, 78 (पीछा करना) , 87 (बहला-फुसलाकर भगा ले जाना), 64 (बलात्कार) और 351 (3) के तहत एफआईआर दर्ज हुई है. इस मामले में युवक अरमान को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है.
एफआईआर में नेहा (बदला नाम) ने कहा, “मेरे घर के पास लड़के की दुकान है. यह दो महीने से मुझसे बात करने का दबाव बना रहा था. मेरे मना करने पर रास्ते में मुझे उठवाने की धमकी देता था. दस-पंद्रह दिन पहले मेरे घर का नंबर लेकर इसने मुझे फोन किया. मेरे मना करने पर अपनी दुकान के पास मुझे पकड़ लिया और बोला कि इस शनिवार को मेरे साथ नहीं गई तो मैं तेरे इकलौते भाई का एक्सीडेंट करा दूंगा. मुझे डरा धमकाकर पिलखुआ होटल में ले गया और गलत काम किया. जब ये वापस धौलाना ला रहा था तो रास्ते में मेरे भाई और अन्य लोगों ने पकड़ लिया और धौलाना थाने लाए.”
हापुड़ पुलिस ने कहा- कार्रवाई करेंगे
वीडियो वायरल होने के बाद हापुड़ के एएसपी विनीत भटनागर का बयान सामने आया. उन्होंने बताया, “28 सितंबर को एक युवती द्वारा अभियोग दर्ज कराया. जिसमें कहा गया कि उसको बहला फुसलाकर दूसरे समुदाय के एक युवक द्वारा दुष्कर्म की घटना की गई थी. विवेचना के बाद युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. अभियोग दर्ज होने के पूर्व इन दोनों की लड़की के परिजनों ने पिटाई की थी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है. गैर जिम्मेदार लोग इस वीडियो के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर साझा कर रहे है. सांप्रदायिक सद्भावना बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हम ऐसे लोगों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.”
Also Read
-
Too big, too costly, too far: Delhi’s new protest sites put to the test
-
‘People scared of economics’: Sarthak Pradhan on your money, GST and Fiscal Fables
-
Ex-ISRO chairman on privatisation and what left the space community ‘alarmed’
-
जंतर-मंतर क्यों जरूरी? प्रदर्शन के नए ठिकानों की पड़ताल
-
The myth of the apolitical Indian