हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव
पुंछ, राजौरी: ‘हमारी आने वाली नस्लें भी भाजपा को वोट करेंगी'
जम्मू कश्मीर विधानसभा के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार जारी है. इसके लिए 25 सितंबर को वोटिंग होगी. महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दे तो सभी पार्टियां उठा रही हैं. लेकिन धारा 370 एक ऐसा मुद्दा है जिसके एक तरफ भारतीय जनता पार्टी खड़ी है और दूसरी तरफ जम्मू- कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी जैसी पार्टियां हैं. पहले चरण के चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने किश्तवाड़ में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यह चुनाव धारा 370 हटाने वाले और धारा 370 को वापस लाने वालों के बीच है. हालांकि, प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 सितंबर को डोडा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी तो जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा भी मिल जाएगा. वहीं, दूसरी तरफ मतदाताओं की बात करें तो मतदाता भी इन दो मुद्दों को लेकर धार्मिक आधार पर विभाजित नजर आते हैं.
लेकिन जम्मू कश्मीर के मुस्लिम बाहुल्य पीर पांजाल क्षेत्र- जिसमें राजौरी और पुंछ जिले आते हैं, वहां पर भारतीय जनता पार्टी ने दो ऐसे महत्वपूर्ण सियासी दावा चले हैं जिसकी वजह से इस क्षेत्र पूरा का पूरा का पूरा राजनीतिक माहौल बदला नजर आ रहा है. इनका जमीन पर कुछ ऐसा असर हुआ है कि जो मुस्लिम समुदाय अब तक भारतीय जनता पार्टी को वोट देना एक तरह से पाप समझता था, वह अब भाजपा का झंडा लेकर घूम रहा है. जिन घरों पर 40 सालों से नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस का झंडा लहराया करता था वहां पर अब भाजपा का झंडा लहरा रहा है.
उदाहरण के तौर पर पुंछ जिले के सूरनकोट विधानसभा को ले सकते हैं. यहां पर 2014 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ 2143 वोट मिले थे. लेकिन आज भाजपा इस सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन प्रत्याशी शाहनवाज चौधरी को कड़ी टक्कर दे रही है. कुछ इसी तरह के हालात यहां की पांच और विधानसभा सीटों राजौरी, थानामंडी, मेंधर, बुधल और गुलाबगढ़ की है.
भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनाव में इन 6 पीछे सीटों पर जीत दर्ज नहीं कर पाई थी, जीत दर्ज करना तो बहुत दूर की बात है भाजपा यहां पर मुकाबले में भी नहीं थी. लेकिन आज बीजेपी इन सभी सीटों पर
जम्मू-कश्मीर की दिग्गज क्षेत्रीय पार्टियों-नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को कड़ी टक्कर दे रही है. लेकिन भाजपा ने ऐसा किया कैसे और इस क्षेत्र में अछूत समझे जाने वाली पार्टी आज मुसलमान के दिलों में जगह कैसे बना रही?
इन सवालों का जवाब जानने के लिए देखिए हमारे यह ग्राउंड रिपोर्ट-
Also Read
-
‘Only a part of the chest was found’: Delhi’s Nepali community tries to count the missing
-
From a school canteen row to street violence: How Ahmedabad’s Malala controversy escalated
-
Smoking is a ‘choice’ for men, but a ‘character flaw’ for women?
-
Uttarakhand SIR: The unsolved mystery of BJP agents’ ‘forged’ objections against Muslim voters
-
From Okhla to Badarpur: 5 Delhi seats that lost over 40% of their 2025 electorate