Khabar Baazi
बदलापुर यौन उत्पीड़न मामला: कवरेज के दौरान शिवसेना शिंदे गुट के नेता ने महिला पत्रकार पर की अभद्र टिप्पणी
20 अगस्त को बदलापुर में हो रहे विरोध प्रदर्शन को कवर करने गई एक महिला पत्रकार के लिए स्थानीय नेता ने अपमानजक भाषा का प्रयोग किया. एकनाथ शिंदे की शिवसेना के वामन म्हात्रे ने मराठी दैनिक सकाळ की महिला पत्रकार पर अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा कि वो ऐसे रिपोर्टिंग कर रही थी जैसे कि उसी के साथ बलात्कार हुआ हो. इस टिप्पणी के खिलाफ महिला पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराई है.
जब इस टिप्पणी को लेकर म्हात्रे की किरकिरी होनी शुरू हुई तो उन्होंने सफाईमें कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है. वामन म्हात्रे बदलापुर के पूर्व मेयर (महापौर) भी रह चुके हैं.
कथित घटना के संबंध में महिला पत्रकार ने एक समाचार चैनल को बताया कि जब वह रेलवे ट्रैक पर हो रहे विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थी, तब म्हात्रे ने उससे झगड़ा किया और 'अश्लील' इशारे भी किए. उसी दौरान म्हात्रे ने कहा कि “वह घटना की रिपोर्टिंग इस तरह से कर रही 'जैसे कि उनके साथ बलात्कार हुआ हो.”
इस बारे में आगे बात करते हुए महिला पत्रकार ने कहा, "इस व्यवहार से मैं गहरे रूप से व्यथित थी और इसे स्वीकार करना मेरे लिए असंभव था. इसके बावजूद भी मैंने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि मेरी रिपोर्टिंग तथ्यों पर आधारित है.”
दूसरी तरफ म्हात्रे ने दावा किया कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से समझा गया है. उन्होंने कहा, "मैं इस बात पर जोर दे रहा था कि वे प्रदर्शनकारियों को तथ्यात्मक जानकारी दें. इस दौरान वे 'बलात्कार' शब्द का लगातार इस्तेमाल कर रही थीं. मैं उनसे इस घटना के विषय में तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करने के लिए कह रहा था, लेकिन इसे गलत तरीके से समझा गया.
मुंबई प्रेस क्लब ने म्हात्रे के बयान की निंदा की और मुख्यमंत्री शिंदे से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
प्रेस क्लब ने एक बयान में कहा कि म्हात्रे ने "घटना के लिए पत्रकारों को दोषी ठहराकर जनता की भावनाओं की घोर अवहेलना की है". इसके साथ-साथ प्रेस क्लब ने मीडिया पर भी शांति भंग करने का आरोप लगाया है.
बता दें कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया था. बीते 16-17 अगस्त को स्थानीय पुलिस थाने में कथित घटना के संबंध में बच्चियों के परिजनों ने शिकायत दर्ज़ करवाई थी.
घटना को लेकर 20 अगस्त (मंगलवार) को बदलापुर में बंद की घोषणा की गई. हजारों अभिभावक, राजनीतिक समूह और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने सुबह साढ़े छह बजे से ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. प्रदर्शनकारी आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे.
Also Read
-
‘Alarm bells ringing’: Why Indian newsrooms are losing public trust
-
SIP was the successful Sharma ji ka ladka. Now it has a problem
-
Digital platforms complicit in pushing hate-filled Hindutva-pop, finds new CSoH report
-
Iran’s defiance: Lessons for the Gulf and the Global South
-
The Voice of Hind Rajab review: A child’s voice in a world that stopped listening