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बांग्लादेश के ईस्ट-वेस्ट मीडिया ग्रुप के परिसर में तोड़फोड़, भीड़ ने हॉकी-स्टिक और डंडों से किया हमला
बांग्लादेशी न्यूज़ पोर्टल (bdnews24.com) के अनुसार राजधानी ढाका में सोमवार को ईस्ट-वेस्ट मीडिया ग्रुप के आवसीय परिसर में 70 लोगों की एक भीड़ ने हमला कर दिया. इस हमले में एक महिला पत्रकार को भी निशाना बनाया गया. अज्ञात भीड़ के हाथों में हॉकी स्टिक और डंडे थे.
ईस्ट-वेस्ट मीडिया ग्रुप (ईस्ट वेस्ट मीडिया का प्रकाशन) के संपादक इनामुल हक़ चौधरी के अनुसार कथित हमला लगभग 20 मिनट तक जारी रहा. इस दौरान हमलावरों ने पार्किंग एरिया के लगभग 11 वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के साथ-साथ वहां स्थित रेडियो कैपिटल को भी तहस-नहस कर डाला. उनका कहना था कि जिस तरह से हमारे परिसर को निशाना बनाया गया है उससे स्पष्ट है कि कथित भीड़ ईस्ट वेस्ट ग्रुप के स्वामित्व वाले चैनल 24 के कार्यालय को ही निशाना बनाना चाह रही थी. यह हमला व्यक्तिगत प्रतिद्वंदिता के कारण किया लगता है न कि किसी राजनितिक कारण से.
इसके अलावा भीड़ ने डेली सन और कलेर कांथा कार्यालय को भी आंशिक रूप से क्षति पहुंचाई हालांकि हमले में कोई घायल नहीं हुआ.
हमलावरों ने पहले रेडियो कैपिटल के कार्यालय में प्रवेश किया और दरवाजे, खिड़कियों के शीशे, लैपटॉप, कंप्यूटर इत्यादि को तोड़ना शुरू कर दिया. डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार उसके बाद कथित हमलावरों ने मीडिया परिसर के अंदर खड़ी कई कारों और मोटरसाईकिलों को तहस-नहस कर डाला.
ईस्ट वेस्ट मीडिया ग्रुप पीएलसी बांग्लादेश में एक मीडिया समूह है और वसुंधरा ग्रुप की सहायक कंपनी है. गौरतलब है कि कथित ईस्ट-वेस्ट मीडिया हाउस के परिसर में दो बांग्ला दैनिक-( कलेर कांथो और बांग्लादेश प्रतिदिन), एक अंग्रेजी दैनिक (डेली सन), एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल, (बांग्लान्यूज24.कॉम) एक टेलीविजन समाचार चैनल (न्यूज़ 24 और टी स्पोर्ट्स) के साथ-साथ एक बंगाली भाषा का खेल टेलीविजन चैनल भी है.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ईस्ट-वेस्ट मीडिया ग्रुप पर हुए कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और इसका विरोध किया है.
ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि इस हमले का मकसद बांग्लादेश में चल रहे लोकतंत्र की बहाली में बाधा पहुंचाने के मकसद से की गई है. हमले वाले दिन नवनियुक्त गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहम्मद जहांगीर आलम चौधरी ने एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने इस बात को स्वीकारा था कि बांग्लादेश कानून और व्यवस्था को बहाल करना मुख्य चुनौती है. नवगठित प्रशासन इस दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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