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एनएल चर्चा 328: प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण, ट्रंप पर हमला और सीएम योगी की कुर्सी पर रार
इस हफ्ते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाने की चर्चाओं, कर्नाटक में प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले और आईएएस पूजा खेडकर पर लगे कदाचार के आरोपों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
इसके अलावा हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में उत्तर प्रदेश चुनावी हार को लेकर बीजेपी का मंथन, यूपी में चीफ सेक्रेटरी दुर्गा शंकर मिश्र की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन, बांग्लादेश में चल रहे छात्र आंदोलन में 15 लोगों की मौत, हरिद्वार से दिल्ली के कांवड़ यात्रा रूट में दुकानदारों को अपने नाम की तख्ती लगाने के आदेश और एयर इंडिया की 600 पदों की नौकरियों के लिए लगभग 50 हजार युवाओं की भीड़ जुटने की ख़बरें शामिल रहीं.
इस हफ्ते की चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, सबा नकवी, द न्यूज़ मिनट की एडिटोरियल हेड पूजा प्रसन्ना, प्रभात खबर के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख प्रकाश के रे शामिल हुए. वहीं चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “यूपी में नेतृत्व बदलने को लेकर तमाम तरह की कहानियां सामने आ रही हैं. इस सम्बन्ध में भ्रष्टाचार के मामले, लॉ एंड ऑर्डर की समस्या, आरक्षण में धांधली जैसी बातें आ रही हैं. बीजेपी के एक एमएलए ने पिछले 42-45 सालों में सबसे अधिक भ्रष्टाचार होने जैसे बयान दिए तो वहीं एक अन्य एमएलए फतेह बहादुर सिंह अपनी जान की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. केंद्र सरकार में मंत्री अनुप्रिया पटेल आरक्षण के लाभों के दुरूपयोग पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखती हैं. चुनाव में भी बीजेपी की हार हुई है. क्या इन सब घटनाओं देखते हुए योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद हटाया जा सकता जैसे कभी राम बाबू गुप्ता और कल्याण सिंह को हटाया गया था?”
इस सवाल के जवाब में सबा कहती हैं, “सवाल ये है कि अगर योगी को हटाया जाता है तो फिर नेतृत्व किसे सौंपा जाए? अगर आरएसएस योगी को हटाता है तो इससे सामाजिक न्याय का सन्देश जाएगा. साथ ही ये भी लगेगा कि वो हिंदुत्व के मुद्दे से हट गई है. क्या इस चीज़ को आरएसएस मंजूर कर पाएगा?”
हार के कारणों पर बोलते हुए सबा कहती हैं, “ये चुनाव नरेन्द्र मोदी के नाम पर लड़ा गया था. चार सौ पार का नारा भी दिल्ली से आया था. समाजवादी पार्टी ने जहां जमीनी स्तर पर चुनाव लड़ा तो वहीं बीजेपी ने शो ऑफ किया. बेरोजगारी, भूख, महंगाई जैसे मुद्दों पर कोई कदम नहीं उठाए.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
03:47 - सुर्खियां
18:32 - डोनाल्ड ट्रंप पर हमला
35 : 00 - सीएम योगी आदित्यनाथ का पद संकट में?
01:09:35 - कर्नाटक में प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण का मुद्दा
01:17:25 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:31:52 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
प्रियदर्शन का निबंध संग्रह - जो हिंदुस्तान हम बना रहे हैं
पूजा प्रसन्ना
त्रिपुर दमन सिंह की किताब- द सिक्सटीन स्टोर्मी डेज़
अरविंद नारायण की किताब- इण्डियाज अनडिकलेयर्ड इमरजेंसी
द न्यूज़ मिनट का कार्यक्रम- लेट मी एक्सप्लेन
प्रकाश के रे
फिल्म: महाराजा
टोनी जूट की किताब- यूरोप का इतिहास 1945 से
अतुल चौरसिया
फिल्म- ओपनहाइमर
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार
एडिटिंग: उमराव सिंह
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