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एनएल चर्चा 324: एनसीईआरटी का ‘इतिहास बदलने’ का प्रयास और चुनावों के बाद फिर लौटा ‘बुलडोजर राज’
इस हफ्ते एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में बदलाव और मध्यप्रदेश में ग्यारह घरों पर चले बुलडोज़र को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा इस हफ्ते की प्रमुख ख़बरों में अरविंद केजरीवाल को ज़मानत मिलने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से ज़मानत पर रोक, नेट का पर्चा लीक होने के बाद परीक्षा की गई रद्द, वर्क परमिट रिन्यू नहीं होने के चलते फ़्रांसिसी पत्रकार को 13 साल भारत में पत्रकारिता करने के बाद छोड़ना पड़ा देश, राहुल गांधी ने वायनाड लोकसभा से दिया इस्तीफ़ा और भीषण गर्मी के चलते दिल्ली में करीब 400 मौतें और बिजली की मांग ने तोड़े कई रिकॉर्ड आदि शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, एसोसिएट प्रोफेसर और यूट्यूबर रविकांत किसाना और वरिष्ठ पत्रकार कल्पना शर्मा शामिल हुईं. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सीनियर रिपोर्टर प्रतीक गोयल और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “बारहवीं की किताब में अयोध्या से जुड़े पाठ को और ग्यारहवीं की किताब में माइनॉरिटी अपीज़मेंट से जुड़े खंड में बदलाव किया गया है.” रविकांत से सवाल करते हुए अतुल कहते हैं “यह पूरा विवाद क्या है जिस पर योगेंद्र यादव ने टिप्पणी की है?”
रविकांत जवाब देते हुए कहते हैं, “एनसीईआरटी की किताबों में बदलाव का मुद्दा कोई नया नहीं है और यह बहुत समय से हो रहा है और आगे भी होगा, अभी जो मुद्दा है कि पोलिटिकल साइंस की किताबों में बदलाव किया गया है, जिसमें बाबरी और अयोध्या से जुड़े खंड में बदलाव किया है, मेरे लिए बतौर शिक्षक इस बदलाव से ज़्यादा इसके पीछे का जो कारण बताया गया है, वह समस्या पैदा करने वाला है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइम कोड्स
00 - 04:04 - इंट्रो
04:04 - 16:53 - सुर्खियां
16:53 - 18:26 - ज़रूरी सूचना
18:27 - 1:02:18 - एनसीईआरटी की किताबों के पाठ्यक्रम में बदलाव
1:02:25 - 1:19:52 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
1:19:52 - मध्यप्रदेश में चुनावों के बाद फिर लौटा ‘बुलडोजर राज’
1:49:20 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
रविकांत
नरेंद्र मोदी की किताब एग्जाम वॉरियर्स
कल्पना शर्मा
हरिशंकर परसाई का निबंध - भक्त से भेंट
डॉक्यूमेंट्री - प्रिटेंड इट्स अ सिटी
द गार्डियन पर ओलिवर बर्कमैन का कॉलम
हृदयेश जोशी
अतुल चौरसिया
कॉमिक पत्रिका - कश्मीर की कहानी
विकास जांगड़ा
मोनू मानेसर पर न्यूज़लॉन्ड्री की डॉक्यूमेंट्री
सीजेपी का गौहत्या कानूनों पर लेख
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: प्रशांत कुमार
एडिटिंग: उमराव सिंह
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