Khabar Baazi
जागरण में छपी मोहन भागवत द्वारा नड्डा पर की गई टिप्पणी की ख़बर को सुनील आंबेकर ने नकारा
दैनिक जागरण ने 17 जून को अख़बार के गोरखपुर संस्करण के पहले पृष्ठ के साथ-साथ डिजिटल वेबसाइट पर एक ख़बर छापी जिसमें, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बीते दिनों भाजपा के आरएसएस से स्वतंत्र कार्य करने वाले नड्डा के बयान को व्यक्तिगत करार दिया. ख़बर को “नड्डा के विचार से नहीं है संघ का कोई सरोकार, संघ और पार्टी के बीच बनी खाई को पाटने की कोशिश” शीर्षक से छापा गया था. हालांकि, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक्स पर ख़बर को शेयर करते हुए एक ट्वीट लिखकर बयान को निराधार बताया.
जागरण की ख़बर के मुताबिक, मोहन भागवत गोरखपुर में एक स्वयंसेवक प्रशिक्षु शिविर को संबोधित कर रहे थे. वहीं पर एक प्रशिक्षु द्वारा नड्डा के बयान का ज़िक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस के संबंधों पर सवाल पूछे जाने के जवाब में मोहन भागवत ने यह प्रतिक्रिया दी. ख़बर के मुताबिक, प्रतिक्रिया में भागवत ने कहा कि यह नड्डा के व्यक्तिगत विचार हैं. पार्टी में लोकतंत्र है और हर कोई अपने विचार प्रकट करने के लिए स्वतंत्र है. ऐसी बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है.
बता दें कि लोकसभा चुनावों के प्रचार के दौरान भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बयान दिया था कि भाजपा अब खुद में सक्षम हो गई है और वह बिना आरएसएस के कोई भी काम कर सकती है. ख़बर में इस बयान को परोक्ष रूप से वैचारिक संगठन आरएसएस की प्रासंगिकता पर सवाल उठाने वाला कदम बताया गया.
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने छपी ख़बर को निराधार बताते हुए ट्वीट किया. ट्वीट में उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने गोरखपुर में कोई भी सार्वजनिक वक्तव्य नहीं दिया.
इस बीच अख़बार ने ख़बर की हेडलाइन बदल दी है. “संघ प्रमुख जेपी नड्डा पर दिए गए बयान को बताया ने बताया निराधार” कर दिया है.
मीडिया के बारे में शिकायत करना आसान है. आइए इसे बेहतर बनाने के लिए कुछ करें. स्वतंत्र मीडिया का समर्थन करें और आज ही न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें.
Also Read
-
The sacred geography they bulldozed: How Modi’s vision erased Kashi
-
Locked doors, dry taps, bidis and bottles: The ‘World City’ facade of Delhi’s toilets
-
I-T dept cracked down on non-profits with a law that didn’t apply. Tribunals kept saying no
-
From safeguard to weapon: The slow and steady evolution of FCRA
-
क्लाइमेट चेंज का असर: डेंगू ने तोड़ी पारंपरिक सीमाएं, ठंडे देशों तक पहुंचा