NL Charcha
एनएल चर्चा 321: आसमान से बरसती जानलेवा आग और सातवें चरण का चुनाव
इस हफ्ते जानलेवा होती जा रही गर्मी और सातवें चरण के चुनावों को लेकर चर्चा हुई. चर्चा के प्रमुख विषय गुजरात के एक गेम जोन और दिल्ली में बच्चों के एक अस्पताल में लगी आग, सैंकड़ों महिलाओं के शारीरिक शोषण के आरोप में प्रज्ज्वल रेवन्ना गिरफ्तार, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 34 मामलों में दोषी क़रार, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम हत्या के एक मामले में बरी और पूर्वोत्तर भारत में रीमल नामी चक्रवाती तूफ़ान से आई तबाही के अलावा भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के गाड़ियों के क़ाफ़िले से 2 लोगों की मौत आदि रहे.
इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, तमल साहा और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के लीड कंसलटेंट अविकल सोमवंशी शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रधान संपादक रमन किरपाल और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “मैंने व्यक्तिगत तौर पर यह महसूस किया है कि इस बार गर्मी में खास बात यह है कि रात को भी तापमान नीचे नहीं जा रहा. इसके पीछे कारण क्या हैं?”
अविकल इस सवाल के जवाब में कहते हैं, “मैंने भारत के 6 महानगरों का पिछले 20 सालों का डाटा देखा. जिसमें यह काफी स्पष्ट रूप से नज़र आ रहा है कि सदी की शुरुआत में दिल्ली में दिन के मुक़ाबले रात को तापमान 12 से 14 डिग्री नीचे होता था लेकिन पिछले दो सालों से यह बस 8 या 9 डिग्री जा रहा है. यह खतरनाक भी है. इससे इंसान की काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार रात की गर्मी दिन की गर्मी से ज़्यादा खतरनाक है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइम कोड्स
00 - 02:45 - इंट्रो और जरूरी सूचना
02:45 - 11:30 - सुर्खियां
11:30 - 46:22 - जानलेवा होती गर्मी
46:22 - 1:28:40 - सातवें चरण का चुनाव
1:28:40 - 1:23:15 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
1:36:15 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
स्मिता शर्मा
स्वतंत्र मीडिया को सहयोग दें
रेड माइक चैनल पैर सौरभ शुक्ला की रिपोर्ट्स
अविकल सोमवंशी
सेंटर फॉर साइंस की हीट वेव पर रिपोर्ट
तमल साहा
न्यूज़लॉन्ड्री की चुनावी कवरेज
तमल साहा की न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़ द ट्रुथ
विकास जांगड़ा
वेब सीरीज : लॉ एंड आर्डर
मुग़ले आज़म का गीत: तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर हम भी देखेंगे
रमन किरपाल
न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर बसंत कुमार की चुनावी कवरेज
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट : व्हेन अ वेडिंग काल्ड ऑफ ओवर अ किस
वेब सीरीज: स्कूल ऑफ़ लाइज
शार्दूल कात्यायन
वेब सीरीज : फॉलआउट
फिल्म: जाने भी दो यारों
बीबीसी की रिपोर्ट: क्लाइमेट चेंज
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
Also Read
-
Swords, slogans and Hindu Rashtra: The ‘mahant’ calling for a ‘religious war’ against minorities
-
The world India must budget for
-
‘New Nepal’, old anxieties: Will a Gen Z mandate trigger a new playbook for South Block?
-
Telangana’s NTV controversy and the cost of captured media
-
तलवारें, नारे और ‘हिंदू राष्ट्र’: अल्पसंख्यकों के खिलाफ ‘धार्मिक युद्ध’ का आह्वान करने वाले ‘महाराज’