Report
जनादेश 2024: विश्वगुरु से 'वोट जिहाद' तक, पीएम मोदी की चुनावी बयानबाजी के यू-टर्न को समझिए
लोकसभा चुनाव अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी बयानबाजी में नाटकीय बदलाव देखने को मिला है. शुरुआत में प्रधानमंत्री भाजपा की बेहद आसान जीत बताते हुए “400 पार” का नारा दे रहे थे. अब जब अंतिम चरण नजदीक है तो वे कहते हैं कि अगर विपक्ष सत्ता में आया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उनके हालिया भाषणों को सुने तो उन्होंने झूठे और गलत इस्लामोफोबिक बयान ही दिए हैं.
इस तरह डर का माहौल बनाने से पार्टी के चुनाव अभियान पर भी असर पड़ा है. सोशल मीडिया पर बांटने वाले विज्ञापन से लेकर योगी आदित्यनाथ, हिमंत विश्व शर्मा और अमित शाह द्वारा अपनी सभाओं में नफरती भाषण देने तक- पार्टी हर तरह के हथकंडे अपना रही है. क्या यह रोष इसलिए है कि पार्टी जनाधार खो रही है? ऐसी स्थिति में क्या इस तरह की बयानबाजी से पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है?
जनादेश 2024: दावे बनाम तथ्य की इस कड़ी में श्रीनिवासन जैन उत्तरी बिहार के चंपारण में प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी सभा में गए जहां उन्होंने प्रधानमंत्री की बयानबाजी में एकदम उल्टी धारा बहाने के प्रभाव को समझने का प्रयास किया.
श्रीनिवासन जैन ने रैली में जा रहे भाजपा समर्थकों से बस में, कार्यक्रम स्थल के बाहर कतार में खड़े लोगों से और सभा में आए लोगों से बातचीत की, और यह पूछा कि वे रैली में क्यों आए हैं.
वे मोदी के भाषण की भी पड़ताल कर रहे हैं. भाषण में प्रधानमंत्री कांग्रेस के चुनावी वादों के बारे में झूठे दावे करते हैं, “टुकड़े-टुकड़े गैंग” का ज़िक्र और बार-बार “जय श्री राम” के नारे लग रहे हैं. तालियों की गड़गड़ाहट और शोर के बीच रोजगार पर अपना बचाव करते हुए प्रधानमंत्री खुद को गरीबों का पोषक बताते दिखते हैं.
रैली में भारी भीड़ है जो उत्तेजित है. लेकिन प्रधानमंत्री के भाषण का उनके लिए क्या अर्थ था? मोदी बार-बार विपक्ष के सत्ता में आने का डर क्यों दिखा रहे हैं? विकास के मुद्दे पर उनके समर्थकों का क्या कहना है? क्या मोदी के भाषण जनता के बीच जगह बना पा रहे है?
देखिए पूरा वीडियो-
आम चुनावों का ऐलान हो चुका है. एक बार फिर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट के पास उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सेना प्रोजेक्ट्स हैं, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखते हैं. यहां क्लिक करके हमारे किसी एक सेना प्रोजेक्ट को चुनें, जिसे समर्थन देना चाहते हैं.
Also Read
-
Will Indian women footballers win a World Cup before the men? | Let’s Talk About Indian Football
-
‘Like a kidnapping’: Delhi Police forcibly remove Sonam Wangchuk under medical pretext
-
Sonam Wangchuk forcibly taken to hospital as Delhi Police tighten grip on Jantar Mantar protest
-
Why India has 300 million football fans but no World Cup team | Let’s Talk About Indian Football
-
TMC MP Kirti Azad on cracks in his party, BJP in Bengal, and INDIA bloc’s future