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सारण चुनावी हिंसा: जातीय वर्चस्व की आग में गई चंदन यादव की जान
एक लंबे समय से बिहार में हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और चुनाव को बाहुबल के जरिए प्रभावित करने की ख़बरें बीते वक्त की बात लगने लगी थी. लेकिन इसी बीच सारण लोकसभा में कुछ ऐसा हो गया कि इन सबकी एक धुंधली सी याद उभर आई.
दरअसल, यहां 20 मई को पांचवें चरण का मतदान हुआ. इस दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि राजपूत समाज के लोग उन्हें बड़ी तेलपा गांव में पोलिंग बूथ पर वोटिंग करने से रोक कर रहे हैं. इसके बाद यहां राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रोहिणी आचार्य पहुंची. उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने मामला शांत करा दिया और वोटिंग शुरू हो गई.
इसके बाद मतदान के अगले दिन सुबह यहां हिंसा भड़क गई. जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हैं. साथ ही कुछ और लोग भी इसकी चपेट में आए हैं.
आरोप है कि अगले दिन सुबह राजपूत समुदाय के लोगों ने यादव समाज के लोगों पर आपत्तिनजक टिप्पणी के आरोप लगाए. जिसके बाद तनाव फिर से बढ़ गया और हिंसा हो गई. इस दौरान आरोप है कि राजपूत समाज के लोगों की ओर से गोलियां चलाई गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई. पुलिस ने फिलहाल, फायरिंग के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सारण लोकसभा से भाजपा सांसद और उम्मीदवार राजीव प्रताप रुडी का एक बयान भी वायरल हुआ जिसमें उन पर घटना के प्रति असंवेदनशीलता के आरोप लगे.
मतदान के बाद हुई इस हिंसा की घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है साथ ही एक बार फिर से बिहार में चुनावी हिंसा की यादें ताजा कर दी हैं.
देखिए इस पूरे घटनाक्रम हमारी ये खास रिपोर्ट.
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