Report
रोहतक में चुनाव प्रचार करने आए भाजपा सांसद से महिला ने ऐसा क्या पूछा कि बवाल हो गया
हरियाणा में बीजेपी और जेजेपी के नेताओं को कई गांवों में विरोध का सामना करना पड़ रहा है. रोहतक से बीजेपी के सांसद और वर्तमान में उम्मीदवार अरविंद शर्मा भी इसकी चपेट में आ गए. जब वो 25 अप्रैल 2024 को सिसरौली गांव में प्रचार के लिए गए थे. इसी गांव की महिला मोनिका नैन ने माइक लेकर सवाल पूछना शुरू किया. मोनिका के सवाल पूरे होने से पहले ही हंगामा शुरू हो गया. मोनिका से माइक छीन लिया गया. वहीं, शर्मा बिना कोई जवाब दिए चले गए.
आखिर मोनिका अरविंद शर्मा से क्या सवाल करने वाली थीं. यहीं जानने के लिए हम सिसरौली गांव पहुंचे. गांव में जाने का रास्ता बेहद ही खराब है. गांव पहुंचने पर नाली का पानी सड़कों पर फैला नजर आता है. गांव में लगभग हर बिरादरी के लोग रहते हैं लेकिन जाट और दलित ज़्यादा हैं.
खेती बाड़ी करने वाली मोनिका किसान आंदोलन में बेहद सक्रिय रही हैं. अभी भारतीय किसान यूनियन से रोहतक की जिला अध्यक्ष हैं. हमने पूछा कि आप अरविंद शर्मा से क्या सवाल करने वाली थी.
क्या गांव की कोई समस्या थी? इसपर मोनिका कहती हैं, ‘‘हमारा काफी बड़ा गांव है. आपने देखा होगा कि गलियों में किस तरह से कीचड़ फैला हुआ है. यहां एक बहुत पुराना तालाब है. जो दलित समाज के घरों के बीच में हैं. उससे गंदी बदबू आती है. हमने कई बार मांग की कि उसे पार्क में तब्दील किया जाए लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. कई सवाल थे लेकिन पूछने ही नहीं दिया.’’
उस दिन क्या हुआ? आप पहले से तैयार थी या अचानक से दिल हुआ कि सवाल पूछ लिया जाए? इसपर मोनिका कहती हैं, ‘‘मैं किसान यूनियन से हूं. पांच साल से हम सड़कों पर है. हमपर लाठी चार्ज हुआ. मज़दूरों के ऊपर लाठीचार्ज हुआ. जिस तरह से किसान आंदोलन में सरकार ने हमारे ऊपर तानाशाही दिखाई. इस गांव के लोग भी थे जो किसान आंदोलन के दौरान सड़कों पर बैठे थे. तो मैंने कहा कि आज आप वोट मांगने आए हो तब कहां थे, जब आपकी सरकार गोली चला रही थी. आंसू गैस के गोले दाग रही थी. मैं यही पूछने वाली थी. मेरा मकसद विरोध करना नहीं था, अपना सवाल पूछना था.’’
क्या सच में चुनाव जीतने के बाद शर्मा कभी इस गांव में नहीं आए और कोई विकास कार्य नहीं किया? इसके जवाब में मोनिका बताती हैं, ‘‘इस गांव में बहुत लोग ऐसे भी हैं जो यह तक नहीं जानते कि अरविंद शर्मा कौन है. न ही कभी वो इस गांव आए और न कोई विकास का काम हुआ. एक पत्थर उनके नाम का यहां नहीं गड़ा है. मैं तो कहती हूं, वो तीन गांव बता दें जहां वो बीते पांच साल में गए हों.’’
मोनिका के दावे की पड़ताल के लिए हमने इस गांव के अन्य कई ग्रामीणों से बात की. उनका भी यही जवाब था. यहां मिले बुजुर्ग सहीराम बताते हैं, ‘‘हमने बीजेपी को वोट दिया. उसके बदले हमें लठ मिला. हम जब सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे तो पुलिस वाले यह नहीं देख रहे थे कि कौन बुजुर्ग हैं और कौन युवा. अब हम क्यों ही उन्हें वोट करें.”
गांव की कई अन्य महिलाओं ने भी बताया कि चुनाव नतीजे आने के बाद शर्मा को कभी नहीं देखा.
वहीं, ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे विरोध को बीजेपी के लोग कांग्रेस की चाल बता रहे हैं. रोहतक दफ्तर में मिले बीजेपी नेता भूप सिंह कहते हैं, ‘‘ये कांग्रेस के कुछ लोग हैं, जो जानबूझकर ऐसा माहौल बना रहे हैं कि ग्रामीणों में बीजेपी के प्रति गुस्सा है. जिस दिन नतीजे आएंगे आप देख लेना इन्हीं गांवों में बीजेपी को कांग्रेस से ज़्यादा वोट मिलेगा.’’
मोनिका ने जब सवाल पूछा और इसका वीडियो वायरल हुआ तो बीजेपी की तरफ से उनकी एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें वो कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ खड़ी हैं. मोनिका कहती हैं, ‘‘मैं किसान आंदोलन में सक्रिय थी. हुड्डा ही नहीं बीजेपी के कई नेताओं से मिलती हूं. उनके साथ भी तस्वीर हैं. तस्वीर के कारण मैं कांग्रेसी हो गई? यह ज़रूरी तो नहीं है.’’
मोनिका अरविंद शर्मा से और बीजेपी के अन्य नेताओं से कुछ सवाल पूछना चाहती हैं. वो सवाल क्या हैं जानने के लिए देखें ये वीडियो-
Also Read
-
Detentions, shutdowns as cops try to block protest against Gyanesh Kumar
-
Who controls your right to vote? Four questions the ECI must answer
-
जंतर-मंतर पर भारी नाकेबंदी और धरपकड़ के बीच गूंजी 'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े' की मांग
-
TV Newsance 353: Delhi to Mumbai, everyone wants Gyanesh gone
-
'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो': शिवाजी पार्क में गूंजी मुंबई की आवाज