Report
जनादेश 2024 एपिसोड 3: दिल्ली में जेल-आंध्रा में बेल, भाजपा की ‘वाशिंग मशीन’ राजनीति के पीछे की कहानी
प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान विवादों के घेरे में आ गया है. एजेंसियों के दुरूपयोग के आरोप लगाए जा रहे है. लोगों में इस धारणा को बल मिला है कि विपक्ष के मत्थे सारा आरोप मढ़ दिया जाता है भले ही खुद भाजपा किसी भी खराब रिकार्ड वाले दल या व्यक्ति को अपने साथ ले लेती है.
2024 के लोकसभा चुनावों में इस “वाशिंग मशीन परिघटना” के बारे में मतदाता क्या सोचते हैं यह जानने के लिए श्रीनिवासन जैन की जमीनी पड़ताल.
एक तरफ अरविंद केजरीवाल समेत अपने शीर्ष नेतृत्व के जेल में होने की वजह से अनुपस्थिति के बावजूद आम आदमी पार्टी, भाजपा से टक्कर ले रही है.
पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज कहते हैं, “भाजपा की यह रणनीति थी कि हमारे शीर्ष नेताओं को इस तरह गिरफ्तार किया जाए कि कोई भी आप के चुनावी अभियान के लिए न बचे.”
वह भी तब, जब एक शराब व्यवसायी सह राजनेता आंध्र प्रदेश से एनडीए का प्रत्याशी बनकर चुनाव अभियान चला रहे हैं. और हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भाजपा ने व्यवसायी नवीन जिंदल को मैदान में उतारा है. भाजपा कार्यकर्ता पूर्व कांग्रेसी नेता रहे जिंदल पर कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भूल से गए हैं. वे कहते हैं कि जिंदल कोयले में हीरे की तरह हैं जिनको उनकी सही जगह मिल गई है.
लेकिन क्या मतदाता इन दोहरे मानदंडों को देख पा रहे हैं? क्या “वाशिंग मशीन” का दांव उलट पड़ सकता है?
इन सवालों के जवाब के लिए जनादेश 2024 : दावे बनाम तथ्य की ताजा कड़ी देखिए.
आम चुनावों का ऐलान हो चुका है. एक बार फिर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट के पास उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सेना प्रोजेक्ट्स हैं, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखते हैं. यहां क्लिक करके हमारे किसी एक सेना प्रोजेक्ट को चुनें, जिसे समर्थन देना चाहते हैं.
Also Read
-
Inside Jharkhand’s assembly gherao: Lathicharge, tear gas and conflicting claims
-
The NEET aspirant who took the reservation debate to Jantar Mantar
-
Arundhati Roy: ‘Message from Jantar Mantar is bigger than electoral defeat’
-
अरुंधति रॉय: “चुनावी हार से बड़ा है जंतर मंतर का मैसेज”
-
TN Speaker’s anti-abortion rhetoric is more than a personal opinion