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एनएल चर्चा 317: प्रज्जवल रेवन्ना प्रकरण और राजनीति में बढ़ता पाखंडवाद
इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय एसआईटी द्वारा 'यौन शोषण' मामले में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करना और महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह के बेटे करण सिंह को कैसरगंज से टिकट मिलना आदि रहे.
हफ्ते की अन्य सुर्खियों में 1 मई को ई-मेल के जरिए दिल्ली-एनसीआर के करीब 50 स्कूलों में बम से उड़ाने की मिली धमकी, एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन की अदालत में कोविड टीके के ‘बहुत दुर्लभ’ दुष्प्रभाव को किया स्वीकार, तेलंगाना में कांग्रेस पर बरसते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘जब तक जिंदा हूं ओबीसी, एससी और एसटी का आरक्षण मुसलमानों को नहीं देने दूंगा' आदि ख़बरें शामिल रहीं.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद उत्तराखंड सरकार ने पतंजलि उत्पादों के लाइसेंस किए निलंबित, इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम अपना नामांकन वापस लेकर भाजपा से जुड़े, दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर दिल्ली महिला आयोग से 223 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से किया गया बर्खास्त आदि सुर्खियों ने भी हफ्तेभर तक लोगों का ध्यान खींचा.
इस हफ्ते चर्चा में लेखक एवं बीबीसी की द्विभाषी संवाददाता प्रियंका दुबे और स्वतंत्र पत्रकार काजल अय्यर शामिल हुईं. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से अवधेश कुमार ने हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के पॉडकास्ट हैड शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत में 'यौन शोषण' मामले में प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने को लेकर शार्दूल सवाल करते हैं, “एक लेखिका और पत्रकार होने के नाते आप इस मामले को कैसे देख रही हैं?”
इसके जवाब में काजल अय्यर कहती हैं, “ये सिर्फ सेक्स स्कैंडल का मामला नहीं है. ये एक तरह की मानसिक बीमारी है. रेवन्ना के सत्ता के अहंकार के कारण ही यह मुमकिन हो सका है. वह काफी बाहुबली परिवार से हैं. उनके दादा देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. भाजपा हमेशा परिवारवाद के खिलाफ बोलती रहती है लेकिन यहां तो परिवारवाद और अपराध दोनों है तो फिर कुछ क्यों नहीं कह रही है. राजनीति से बिल्कुल परे ये समाज के लिए एक चिंता का विषय है. किसी शक्तिशाली परिवार के एक व्यक्ति द्वारा ऐसी हरकत करने पर उसको कोई सजा नहीं होती है तो समाज में यह संदेश जाएगा कि अगर आप भी चाहें तो किसी महिला का शोषण कर सकते हैं और आप पर कोई कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि आपके पास वीडियो है, जिससे महिला की बदनामी होने वाली है.”
नोट: इस हफ्ते चर्चा पेवॉल के पीछे नहीं है. अपने फेवरेट पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म से चर्चा सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 04:47 - इंट्रो और जरूरी सूचना
04:48 - 15:41 - सुर्खियां
15:42 - 58:47 - 'यौन शोषण' मामले में एसआईटी का प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर
58:48 - 1:09:46 - सब्सक्राइबर्स के मेल
1:09:47 - 1:34:04 - यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण शरण सिंह की जगह उनके बेटे करण सिंह को कैसरगंज से टिकट
1:34:05 - 1:38:08 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
काजल अय्यर
हरिशंकर परसाई की किताब
प्रियंका दुबे
धूमिल की कविताएं
निराला की कविताएं
अवधेश कुमार
फिल्म- अमर सिंह चमकीला
न्यूज़लॉन्ड्री पर इलेक्शन से जुड़ी रिपोर्ट्स एवं इंटरव्यू पढ़ें और देखें
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री पर हृदयेश जोशी की रिपोर्ट
गेम- स्टेलर ब्लेड
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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