चंदे की कहानी
भाजपा को चंदा देने वाली टॉप कंपनियां- मेघा, केवेंटर्स, बिड़ला, भारती और वेदांता ग्रुप
चुनाव आयोग के द्वारा सार्वजनिक की गई ताजा जानकारी में यह सामने आया है कि हैदराबाद-आधारित मेघा समूह ने भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा- 664 करोड़ रुपये का चंदा दिया. यह रुपये अप्रैल 2019 और जनवरी 2014 के बीच दिए गए थे.
दूसरे नंबर पर मुकेश अंबानी की रिलायंस से जुड़े लोग और कंपनियां हैं, जिन्होंने 545 करोड़ रुपये भाजपा को दान किए.
केवेंटर्स समूह ने भगवा पार्टी को 352 करोड़ रुपये दिए. जिसके कारण वह इस सूची में तीसरे नंबर पर है. इसके बाद आता है आदित्य बिरला समूह, जिसने भाजपा को 285 करोड़ रुपये दिए. वहीं भारती एयरटेल समूह ने 236.4 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड भाजपा को दिए.
भाजपा द्वारा अप्रैल 2019 से जनवरी 2024 के बीच 6,060 करोड़ के बॉन्ड्स भुनाए गए थे. ऐसे में गौरतलब है कि इसमें से एक-तिहाई से ज्यादा का दान केवल इन्हीं कंपनियों ने दिया है.
कुल मिलाकर, भाजपा को साल 2018 से चुनावी बॉन्ड्स के द्वारा 8,252 करोड़ रुपये का दान मिला. 4,000 करोड़ से ज्यादा बॉन्ड्स की जानकारी उपलब्ध नहीं है जोकि 1 मार्च 2018 और 12 अप्रैल 2019 के बीच भुनाए गए थे. .
मेघा समूह
मेघा समूह के द्वारा भाजपा को दिए गए 664 करोड़ रुपयों में से 584 करोड़ रुपये हैदराबाद-आधारित मेघा इंजीनियरिंग के थे. जबकि 80 करोड़ रुपये उसी की सहायक कंपनी गाजियाबाद-आधारित वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन से आए थे.
सभी दलों को दिए गए दान का हिसाब लगाएं तो इस समूह ने 1,186 करोड़ के चुनावी बॉन्ड्स खरीदे थे. जिसमें से भाजपा को 56 प्रतिशत हिस्सा मिला था.
रिलायंस से संबंधित कंपनियां
रिलायंस समूह से जुड़ी हुईं कंपनियों ने मिलकर भाजपा को 545 करोड़ रुपये दिए और दानदाताओं में दूसरे नंबर पर है. इसका तकरीबन 69 फीसदी हिस्सा मुंबई की क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड ने दिया, जिसने 375 करोड़ रुपये दिए थे. बचे हुए 170 करोड़ रुपये अंबानी के करीबी सुरेंद्र लुनिया, रिलायंस के अधिकारी जैसे लक्ष्मीदास मर्चेंट और के रामाचंद्रन राजा और कई अन्य कंपनियों के बोर्ड के सदस्य सत्यनारायणमूर्ति वीरा वेंकट से आए. इन कंपनियों द्वारा खरीदे गए बॉन्ड का 94 प्रतिशत हिस्सा भाजपा को मिला है.
केवेंटर्स समूह
केवेंटर्स समूह ने भाजपा को कुल 351.92 करोड़ दिए. यह पैसा चार कंपनियों के माध्यम से दिया गया- केवेंटर फूडपार्क इंफ़्रा लिमिटेड (अब मैग्निफिशिएंट फूडपार्क्स प्रोजेक्ट लिमिटेड), एमकेजे एंटरप्राइजिज, मदनलाल लिमिटेड और सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड. इसके अलावा सबसे बड़ा हिस्सा मदनलाल लिमिटेड ने दिया- 175 करोड़ रुपये.
समूह ने राजनीतिक दलों को अप्रैल 2019 जनवरी 2024 के बीच 616.92 करोड़ रुपये दिए जिसमें से भाजपा को 57 प्रतिशत मिला.
आम चुनावों का ऐलान हो चुका है. एक बार फिर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट के पास उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सेना प्रोजेक्ट्स हैं, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखते हैं. यहां क्लिक करके हमारे किसी एक सेना प्रोजेक्ट को चुनें, जिसे समर्थन देना चाहते हैं.
आदित्य बिड़ला ग्रुप
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भाजपा की जेब में 285 करोड़ रुपये डाले और भाजपा के चौथे सबसे बड़े दानदाता के रूप में उभरा. यह रुपये पांच शाखाओं के माध्यम से दिए गए- ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एबीएनएल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, बिड़ला कार्बन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, उत्कल एलुमिना इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड.
555.8 करोड़ रुपये के कुल दान में से भाजपा को 51 फीसदी मिला.
पता होना चाहिए कि एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के इंडिया टुडे के साथ भी संबंध हैं, जिसने भाजपा को 50 करोड़ रुपये दिए थे.
लिविंग मीडिया लिमिटेड 51.61 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इंडिया टुडे समूह की एक बड़ी होल्डिंग कंपनी है. आईजीएच होल्डिंग्स के पास लिविंग मीडिया का 41.5 प्रतिशत हिस्सा है. एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड उसी आईजीएच होल्डिंग्स की मालिक है.
भारती एयरटेल समूह
सुनील भारती की भारती एयरटेल ने भाजपा को चार कंपनियों के माध्यम से 236.4 करोड़ रुपये दिए. इनमें भारती एयरटेल लिमिटेड, भारती एयरटेल करंट एसी जीसीओ, भारती इंफ्राटेल और भारती टेलीमीडिया शामिल हैं.
इसका सबसे बड़ा हिस्सा भारती एयरटेल लिमिटेड से आया, जिसने 183 करोड़ रुपये दिए थे.
इस समूह ने 247 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे. जिसमें से भाजपा को 96 प्रतिशत बॉन्ड मिले.
वेदांता
400.65 करोड़ के कुल चुनावी बॉन्ड खरीदने वाले मेटल और खनन समूह वेदांता ने भाजपा को 230.15 करोड़ रुपये दिए जोकि कुल दान का 57 प्रतिशत है.
तनिष्का सोढ़ी के इनपुट्स के साथ.
यह रिपोर्ट एक सहयोगी परियोजना का हिस्सा है, जिसमें तीन समाचार संगठन - न्यूज़लॉन्ड्री, स्क्रॉल, द न्यूज़ मिनट और कई स्वतंत्र पत्रकार शामिल हैं.
प्रोजेक्ट इलेक्टोरल बॉन्ड में अबान उस्मानी, आनंद मंगनाले, अनीशा शेठ, अंजना मीनाक्षी, आयुष तिवारी, अजीफा फातिमा, बसंत कुमार, धन्या राजेंद्रन, जयश्री अरुणाचलम, जोयल जॉर्ज, एम. राजशेखर, मारिया टेरेसा राजू, नंदिनी चंद्रशेखर, नील माधव, निकिता सक्सेना, पार्थ एमएन, पूजा प्रसन्ना, प्रज्वल भट्ट, प्रतीक गोयल, प्रत्युष दीप, रागामालिका कार्तिकेयन, रमन किरपाल, रवि नायर, साची हेगड़े, शब्बीर अहमद, शिवनारायण राजपुरोहित, सिद्धार्थ मिश्रा, सुप्रिया शर्मा, सुदीप्तो मंडल, तबस्सुम बरनगरवाला और वैष्णवी राठौड़ शामिल हैं.
मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हिंदी पाठकों के लिए इस ख़बर को न्यूज़लॉन्ड्री के साथ इंटर्नशिप कर रहे सक्षम कपूर ने अनुवादित किया है.
Also Read
-
TV Newsance 340 | From Arnab’s newsroom to BJP ticket: Santu Pan’s political jump
-
‘The only dangerous thing about him is his ideas’: Inside the Manesar workers’ arrests
-
Six reasons why the media should stop publishing opinion and exit polls
-
Palestine freer for journalists than India: It’s the Press Freedom Index again
-
Mandate hijacked: The constitutional sin of the seven AAP defectors