Khabar Baazi
रोज़नामचा: सीएए पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार और रामदेव को पेश होने के आदेश
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. किसी ने सीएए पर फिलहाल रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट के इनकार करने तो किसी ने फर्जी विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामदेव को व्यक्तिगत रूप पेश होने के आदेश देने को प्रमुखता दी है. वहीं, कुछ अखबारों ने अन्य ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अखबार ने ग्लोबल वार्मिंग को लेकर संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी को पहले पन्ने की सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि हमारा ग्रह खत्म होने की कगार पर है. विश्व मौसम विज्ञान संस्थान की ताजा रिपोर्ट की मानें तो न केवल बीता वर्ष बल्कि पूरा दशक धरती पर अब तक का सबसे गर्म रहा.
कांग्रेस द्वारा भारत न्याय यात्रा की घोषणाओं पर मुहर लगाने को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, कांग्रेस ने पांच न्याय और 25 गारंटियों पर मुहर लगा दी है. इसमें 30 लाख नौकरियां देने का वादा प्रमुख है. कांग्रेस जल्द ही अपना घोषणापत्र भी जारी करेगी.
इसके अलावा दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी द्वारा बार-बार समन जारी करने को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सुप्रीम कोर्ट ने दी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरद पवार को नाम का उपयोग करने की अनुमति, समान नागरिक संहिता पर तुरंत रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार और बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के चलते एक श्रद्धालु की मौत आदि ख़बरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अखबार ने उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार वितरण किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साल 2021 और 2022 में उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए 17वें रामनाथ गोयनका पुरस्कार प्रदान किए. इस साल कुल 44 पत्रकारों को उत्कृष्ट काम के लिए सम्मानित किया गया.
झारखंड मुक्ति मोर्चा को झटका लगने की ख़बर को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन भाजपा में शामिल हो गईं. वे जामा से झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक हैं. उन्होंने कहा कि वह राज्य को बचाने और अपने लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की खातिर ‘मोदी परिवार’ का हिस्सा बनी हैं.
इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल से पशुपति पारस का इस्तीफा, सीएए पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, लोकसभा चुनाव की वजह से यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा अब 16 जून को और 2006 के फर्जी मुठभेड़ मामले में पूर्व पुलिसकर्मी प्रदीप शर्मा को उम्रकैद की सजा आदि ख़बरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अखबार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीएए पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार करने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों के भीतर जवाब देने को कहा है. मामले में कोर्ट 9 अप्रैल को फिर से सुनवाई करेगा.
कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र मसौदे को मंजूरी मिलने को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार में 30 लाख युवाओं की भर्ती करने, राष्ट्रीय स्तर पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने समेत पांच न्याय के तहत 25 गारंटियों के सहारे 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरेगी.
इसके अलावा पशुपति पारस ने दिया केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा, बाबा रामदेव और बालकृष्ण को व्यक्तिगत तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होने का आदेश और दिल्ली विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी आदि ख़बरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अखबार ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर तनाव बढ़ने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, मंगलवार को तालिबान शासकों की फौज ने पाकिस्तान की मिलिट्री चेकपोस्ट पर कब्जा कर लिया. पाकिस्तानी फौजी इस पोस्ट से पीछे हट गए हैं.
सीएए पर रोक लगाने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जवाब मांगे जाने को भी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से नागरिकता संशोधन नियम 2024 के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का आग्रह करने वाली याचिकाओं पर तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी.
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने दूसरी बार ली राज्यसभा सदस्य की शपथ, बॉम्बे हाईकोर्ट ने फर्जी एनकाउंटर मामले में सुनाई पूर्व पुलिसकर्मी प्रदीप शर्मा को उम्रकैद की सजा और कोटा में अगवा शिवपुरी की छात्रा का अब तक सुराग नहीं आदि ख़बरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
मीडिया को कॉरपोरेट या सत्ता के हितों से अप्रभावित, आजाद और निष्पक्ष होना चाहिए. इसीलिए पत्रकारिता को आजाद रखने के लिए खर्च करने की आवश्यकता है. हमें आज ही सब्सक्राइब करें.
अमर उजाला अखबार ने सीएए के तहत नागरिकता देने पर रोक लगाने से फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इनकार करने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए गैर मुस्लिमों को नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता देने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले पर तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है.
अवमानना नोटिस का जवाब न देने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाबा रामदेव को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश देने को भी अखबार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने भ्रामक विज्ञापनों को लेकर नोटिस जारी किया था लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया. जिसके बाद कोर्ट ने व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के आदेश दिए. अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी.
इसके अलावा लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए अधिसूचना आज, लोकपाल ने सीबीआई को दिए महुआ मोइत्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश, झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की भाभी सीता भाजपा में शामिल और पशुपति पारस ने छोड़ा मंत्री पद आदि ख़बरों को भी अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
आम चुनावों का ऐलान हो चुका है. एक बार फिर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट के पास उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सेना प्रोजेक्ट्स हैं, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखते हैं. यहां क्लिक करके हमारे किसी एक सेना प्रोजेक्ट को चुनें, जिसे समर्थन देना चाहते हैं.
Also Read
-
‘Can’t imagine Baramati without Dada’: The end of a powerhouse who shaped Maharashtra politics
-
Gasping for breath: Are Odisha’s twin cities going the Delhi way?
-
Swords, slogans and Hindu Rashtra: The ‘mahant’ calling for a ‘religious war’ against minorities
-
The world India must budget for
-
‘New Nepal’, old anxieties: Will a Gen Z mandate trigger a new playbook for South Block?