Khabar Baazi
रामनाथ गोयनका पत्रकारिता पुरस्कार: ये रही विजेताओं की पूरी सूची
पत्रकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार दिए जाने के लिए आज वितरण समारोह आयोजित किया गया. समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी रहे. उन्होंने साल 2021 और 2022 के विजेताओं को आज ये पुरस्कार बांटे.
मालूम हो कि रामनाथ गोयनका फाउंडेशन की ओर से यह पुरस्कार खोजी पत्रकारिता, खेल, राजनीति और पर्यावरण और क्षेत्रीय भाषा सहित कुल 13 श्रेणियों के लिए दिए जाते हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री और न्यूज़ मिनट को अवॉर्ड
इस बार न्यूज़लॉन्ड्री ने भी अपनी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए साल दो रामनाथ गोयनका पुरस्कार जीते हैं. न्यूज़लॉन्ड्री को एक पुरस्कार उसकी खोजी रिपोर्ट श्रृंखला- अरावली की लूट तो दूसरा आर्सेनिक प्रदूषण पर बनी डॉक्यूमेंट्री के लिए मिला है. इस बारे में ज्यादा जानने के लिए पढ़िए ये रिपोर्ट.
रामनाथ गोयनका पुरस्कार पाने वाले विजेताओं की सूची:
इस बार रिकॉर्डतोड़ आवेदन
समारोह को संबोधित करते हुए इंडियन एक्सप्रेस समूह के मुख्य संपादक राजकमल झा ने बताया कि इस साल उन्हें पुरस्कारों के लिए 1313 आवेदन प्राप्त हुए थे. यह आंकड़ा पिछले 18 सालों में किसी भी साल मिले आवेदनों में सबसे ज्यादा है. एक हजार से ज्यादा पत्रकारों और दो दर्जन से ज्यादा लेखकों ने इस बार आवेदन किया था.
देखिए पुरस्कार वितरण समारोह
निर्णायक मंडल करता है फैसला
विजेताओं का चयन एक निर्णायक मंडल द्वारा किया जाता है. इसमें देश की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होती हैं.
इन पुरस्कारों के लिए निर्णायक मंडल में रिटायर्ड जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के डीन और संस्थापक कुलपति प्रोफेसर सी राजकुमार, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एस वाइ कुरैशी और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश शामिल रहे.
रामनाथ गोयनका के नाम पर 2006 से हर साल यह पुरस्कार दिया जाता है.
आम चुनावों का ऐलान हो चुका है. एक बार फिर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट के पास उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सेना प्रोजेक्ट्स हैं, जो वास्तव में आपके लिए मायने रखते हैं. यहां क्लिक करके हमारे किसी एक सेना प्रोजेक्ट को चुनें, जिसे समर्थन देना चाहते हैं.
Also Read
-
The making of Champat Rai: From trusted organiser to Ayodhya’s most controversial figure
-
Killer cough syrups, zero accountability: Investigating three pharma companies
-
From Umar Khalid to Sharjeel Imam: Being Muslim in Modi’s India
-
Army vs police in Kishtwar: What does it tell us about civil-military balance?
-
Why the Delhi Gymkhana eviction should terrify every housing society and hospital in India