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आईआईटी बॉम्बे ने रद्द किया सुधीर चौधरी का कार्यक्रम, आदिवासियों पर टिप्पणी के मामले को लेकर फैसला?
आईआईटी-बॉम्बे ने आज तक के एंकर सुधीर चौधरी के एक कार्यक्रम को रद्द कर दिया है. चौधरी को संस्थान के वार्षिक बिजनेस कॉन्क्लेव ई-समिट 2024 में शामिल होना था. लेकिन आदिवासियों और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर उनकी टिप्पणियों को लेकर छात्रों के आपत्ति जताने के बाद संस्थान ने ये फैसला लिया.
चौधरी का रविवार को दीक्षांत समारोह हॉल में बातचीत का कार्यक्रम तय था लेकिन शनिवार रात को छात्रों को भेजे गए निमंत्रण के अनुसार, उनकी जगह शॉपक्लूज़ की संस्थापक राधिका अग्रवाल को बुला लिया गया.
छात्रों ने कहा कि शनिवार को शुरू हुआ दो दिवसीय कार्यक्रम छात्र संगठन ई-सेल द्वारा आयोजित किया गया था, लेकिन आईआईटी कार्यक्रमों में वक्ताओं को शामिल करने पर अंतिम निर्णय आईआईटी प्रशासन ही लेता है.
आयोजकों में से एक ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि चौधरी पत्रकारिता और उद्यमिता के बारे में बोलने वाले थे लेकिन शनिवार रात को मौखिक रूप से उन्हें कैलेंडर में बदलाव के बारे में सूचित किया गया. चौधरी से जुड़े ताजा विवाद के मद्देनजर ये फैसला लिया गया.
मालूम हो कि इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की आदिवासी पहचान और एससी/एसटी अधिनियम के तहत अधिकारों पर कथित तौर पर सवाल उठाने वाली टिप्पणी को लेकर चौधरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई थी. जिसके बाद अगले ही दिन चौधरी ने चौधरी ने आरोपों को "निराधार" बताते हुए माफी मांग ली.
इस दौरान चौधरी ने कहा था कि वह “आदिवासियों का अपमान” करने के “निराधार” आरोपों से “दुखी” हैं और सोरेन की आलोचना करना "आदिवासियों का अपमान नहीं है".
गौरतलब है कि 31 जनवरी यानि जिस दिन हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था सुधीर चौधरी ने अपने प्राइमटाइम शो ब्लैक एंड व्हाइट के दौरान कहा कि सोरेन और उनका परिवार "आदिवासी" नहीं थे "बड़े- बड़े बंगलों के निवासी" हैं.
उन्होंने जेल में सोरेन की रात और जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के बीच समानताएं बताते हुए कहा कि उनकी आज की रात ऐसे बीतेगी जैसे कि वह "एक आदिवासी की तरह 20, 30, 40 साल पहले जंगल में रहते थे".
'अपमानजनक टिप्पणियों' पर आपत्ति
जानकारी के मुताबिक, एक छात्र ने चौधरी के निमंत्रण पर यह कहते हुए आपत्ति जताई कि उन्होंने कथित तौर पर आदिवासियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की है.
एक अन्य इंजीनियरिंग छात्र, जिसने प्रशासन को इसी तरह की शिकायत भेजने का दावा किया, ने कहा कि चौधरी "एक नफरत फैलाने वाला व्यक्ति है" इसलिए "हम उसे किसी भी तरह का मंच नहीं देना चाहते थे." हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी पर उनकी टिप्पणी बहुत ही अपमानजनक थी. अगर आईआईटी अब भी उन्हें आमंत्रित करता है तो मतलब साफ है कि वह भी कोई संदेश देना चाहते हैं.”
न्यूज़लॉन्ड्री ने चौधरी से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस समय व्यस्त हैं और बात नहीं कर सकते. हालांकि, उन्होंने बाद में किए हमारे फोन कॉल का जवाब नहीं दिया. हमने उन्हें इस पूरे मामले पर प्रश्न भेजे हैं. प्रतिक्रिया मिलने पर यह रिपोर्ट अपडेट कर दी जाएगी.
न्यूज़लॉन्ड्री ने आईआईटी प्रशासन को भी इस मामले को लेकर सवाल भेजे हैं. उनकी ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर भी उन्हें रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.
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