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सुधीर चौधरी के खिलाफ शिकायत, हेमंत सोरेन के बहाने आदिवासी समुदाय पर अपमानजनक टिप्पणियों का आरोप
31 जनवरी को, हेमंत सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया. उसी रात, आज तक के एंकर सुधीर चौधरी ने अपने शो में व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि क्या सोरेन परिवार, जो एससी/एसटी समुदाय से है, उसे "आरक्षण दिया जाना चाहिए" या एससी/एसटी अधिनियम का लाभ दिया जाना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि जेल में सोरेन की रात "सालों पहले जंगल में रहने वाले आदिवासियों की तरह" जैसी होगी.
सुधीर शो में कहते हैं, ‘अब आज की रात उनकी कहां बीतेगी. उन्हें तो बहुत शानदार लाइफस्टाइल की आदत है. वो प्राइवेट प्लेन्स में चलते हैं. बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चलते हैं. आज उनके लिए एक तरीके से वैसा ही होगा जैसे वो 20, 30, 40 साल पहले किसी आदिवासी के तौर पर अपने जंगल में चले जाएं.. आज की रात काफी मुश्किल होने वाली है.”
साफतौर पर सुधीर ने यह कहना चाहा कि आदिवासी समुदाय "गरीब" है और जंगलों तक सीमित है. चौधरी ने शो के दौरान यह भी सुझाव दिया कि समुदाय में जो लोग आर्थिक रूप से बेहतर हैं, उन्हें आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए.
चौधरी ने हिंदी में कहा: “आप सोचिए, क्या इस परिवार को ये कहने का अधिकार है कि ये गरीब हैं? क्या इस परिवार को ये कहने का अधिकार है कि इन्हें आरक्षण मिलना चाहिए? क्या ये जो सोरेन परिवार है, क्या इसे आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए? क्या इससे आदिवासियों का लाभ मिलना चाहिए? क्या एससी/एसटी एक्ट जो है, उससे इसकी शक्ति और बढ़ाना चाहिए? क्योंकि ये देश के बड़े-बड़े अमीर खानदानों से भी ज्यादा पैसे वाले हैं. ये आदिवासी नहीं, बल्कि बड़े-बड़े बंगलों के निवासी हैं. और ये भलाई करने की नहीं बल्कि मलाई खाने की राजनीति करते हैं. ये पूरे देश ने आज देख लिया है.”
इस बीच एक आदिवासी समूह ने अपमानजनक टिप्पणी को लेकर आजतक के एंकर सुधीर चौधरी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
आदिवासी सेना ने रांची में 31 जनवरी को प्रसारित प्राइम टाइम शो ब्लैक एंड व्हाइट के दौरान सोरेन और एससी/एसटी समुदायों पर चौधरी की टिप्पणियों का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज की है.
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