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पीएम मोदी सेल्फी पॉइंट: सही कदम या रुपयों की बर्बादी, क्या है जनता की राय?
27 दिसंबर को अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया कि मध्य रेलवे के स्टेशनों पर पीएम मोदी की तस्वीर वाले स्थायी सेल्फी पॉइंट की लागत 6.25 लाख रुपए और अस्थायी सेल्फी पॉइंट की लागत 1.25 लाख रुपए है. अख़बार के अनुसार, एक आरटीआई के जबाव में ये जानकारी दी गई थी. हालांकि, जानकारी बाहर आने के बाद मध्य रेलवे ने अपने मुख्य जनसंपर्क अधिकारी यानी पीआरओ का ट्रांसफर कर दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा कि ये सेल्फी बूथ लगाना, टैक्स देने वाली जनता के पैसे की बर्बादी है जबकि गैर भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य मनरेगा फंड मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
ये सेल्फी पॉइंट देशभर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए हैं. रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन व अन्य भीड़ भाड़ वाले इलाकों में इन्हें आसानी से देखा जा सकता है. बहुत से लोग इन पॉइंट्स पर सेल्फी लेते नजर भी आते हैं. हमने दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर जाकर कुछ ऐसे ही लोगों से बात की. साथ ही ये भी जानने की कोशिश की कि वे जनता के रुपयों से बने पीएम मोदी के सेल्फी पॉइंट्स को जनता कैसे देखती है.
देखिए ये वीडियो रिपोर्ट.
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