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टाइम्स नेटवर्क में फिर छंटनी: 3 दिनों में 120 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
टाइम्स इंटरनेट लिमिटेड (टीआईएल) ने पिछले तीन दिनों में 120 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. इस बात की पुष्टि कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यूज़लॉन्ड्री से की. टीआईएल, टाइम्स ग्रुप का डिजिटल डिवीजन है, जिसमें ‘आइडीवा, मेंस एक्सपी और क्रिकबज़’ जैसे वर्टिकल शामिल हैं.
सभी कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की तारीख से तीन महीने का वेतन दिया गया है और उनकी आधिकारिक ईमेल आईडी तुरंत बंद कर दी गई है.
गत अगस्त में 100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद टीआईएल में यह छंटनी का दूसरा दौर है. उस समय, टीआईएल ने एक बयान जारी कर वादा किया था कि यह “एक बार का अभ्यास” था. टीआईएल के चार वरिष्ठ अधिकारियों और एक कर्मचारी ने न्यूज़लॉन्ड्री से पुष्टि की कि उन्हें भी यही बताया गया था. इसी वजह से कर्मचारियों को इस बार की छंटनी का अंदाजा नहीं था.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “किसी को इसकी जानकारी नहीं थी और हर कोई गहरे आश्चर्य में था.” एक अन्य शख्स ने कहा, “उन्होंने वर्टिकल प्रमुखों (संबंधित अधिकारियों) को भी सूचित नहीं किया. बस लोगों को एक-एक कर फोन कर बुलाया गया और गुप्त एवं गोपनीय तरीके से छंटनी कर दी गई.”
छंटनी के इस दौर की शुरुआत बुधवार, 13 दिसंबर को ईटी स्पॉटलाइट टीम के पांच कर्मचारियों की बर्खास्तगी के साथ हुई. ईटी स्पॉटलाइट, इकोनॉमिक टाइम्स वेबसाइट की एक शाखा है. उन्हें बताया गया कि कंपनी की यह इकाई “कमाई नहीं कर रही” है.
ईटी स्पॉटलाइट के एक कर्मचारी के अनुसार यह “चौंकाने वाला” था क्योंकि “किसी से भी इस बारे में सलाह नहीं की गई”.
उन्होंने कहा: “सुबह कर्मचारी कार्यालय पहुंचे ही थे कि उन्हें बताया गया ‘आपकी इकाई ने खराब प्रदर्शन किया है और लाभ भी नहीं कमा रही है. इसलिए, हमें छंटनी करनी होगी और दुर्भाग्य से आपका नाम सूची में है.”
टीम के दो अन्य कर्मचारियों ने भी पुष्टि की कि यही हुआ है. उनमें से एक ने कहा, “यह कैसे संभव है कि हमारे संबंधित अधिकारियों से भी इस बारे में बातचीत नहीं की गई?”
टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस छंटनी के बाद से स्थिति बहुत नाजुक होने वाली है, क्योंकि कंपनी की बहुत सारी परियोजनाएं लंबित हैं और हम नहीं जानते कि (कर्मचारियों की कमी में) उन्हें कैसे क्रियान्वित किया जाएगा.
टीआईएल में इस बार संपादकीय, उत्पाद, डिजाइन और सेल्स सहित कई विभागों में छंटनी की गई. हालांकि, न्यूज़लॉन्ड्री इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता कि हरेक विभाग से कितने कर्मचारियों को निकाला गया.
'विभाजन' से उत्पन्न
टीआईएल के एक प्रवक्ता ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि पुनर्गठन और छंटनी “आंतरिक दोहराव को दूर करने के लिए है. यह विभाजन प्रक्रिया का एक हिस्सा है. क्योंकि रिकॉर्ड में बंटवारा हो चुका है, अब जमीनी स्तर पर बंटवारा हो रहा है.”
मालूम हो कि छह महीने पहले, दोनों भाइयों विनीत और समीर जैन ने कंपनी की संपत्ति को विभाजित करने के लिए एक समझौता किया है. जिसमें समीर को समूह का प्रिंट व्यवसाय (जो बड़ा राजस्व उत्पन्न करता है) और उसका ऑनलाइन विभाग मिला है. वहीं, छोटे भाई विनीत ने 3,000 करोड़ रुपये के नकद भुगतान के साथ प्रसारण और रेडियो व्यवसाय का अधिग्रहण किया है.
हालांकि, टाइम्स ग्रुप ने कभी भी विभाजन पर कोई टिप्पणी नहीं की. वरिष्ठ अधिकारी अब यह मानते हैं कि छंटनी दोनों भाइयों के बीच हुए बंटवारे का ही परिणाम है. कंपनी उत्पादों के “एकीकरण’ की ओर बढ़ रही है, जिसके कि अगले “तीन महीनों” में पूरा होने की उम्मीद है.
ऐसे ही दो कर्मचारियों बताया कि ईटी प्राइम और टीओआई प्लस जैसे वर्टिकल, जो वर्तमान में टीआईएल के तहत काम कर रहे हैं, उनको बीसीसीएल के साथ एकीकृत किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया, “ऐसे सभी उत्पाद जहां वरिष्ठ पत्रकार मौलिक सामग्री तैयार करते हैं, बीसीसीएल के पास होंगे.”
एक अन्य कर्मचारी के अनुसार, “दो उत्पादों का एकीकरण कुछ समय के लिए कुछ कर्मचारियों को बचा सकता है. लेकिन एक समय के बाद, ऐसे पत्रकार होंगे जो समान बीट्स को कवर करेंगे, इसलिए वे बाद में फिर से छंटनी करेंगे.”
इससे पहले अक्टूबर में, टीआईएल ने कर्मचारियों की मध्यावधि समीक्षा की, जिसके बाद टीआईएल के उपाध्यक्ष सत्यन गजवानी के साथ टाउन हॉल में बैठक हुई. जो समीर जैन के दामाद भी हैं. टाउन हॉल में उपस्थित दो वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, “श्री गजवानी ने कहा कि टीआईएल राजस्व के लिए मुख्य मूल कंपनी पर निर्भर थी. लेकिन अब इसके अपने पैरों पर खड़े होने का समय आ गया है.”
बैठक में उपस्थित एक कर्मचारी ने कहा कि गजवानी ने टीआईएल का अस्तित्व “संकट” में बताया.
एक कर्मचारी के अनुसार, 120 कर्मचारियों को निकाले जाने से, टीआईएल कर्मचारी अब “गहरे भय और गहरी अनिश्चितता में काम कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, “ज्यादातर लोग बाहर अवसरों की तलाश में हैं.”
न्यूज़लॉन्ड्री ने जिन कर्मचारियों से बात की, उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जब तक कर्मचारियों की संख्या “आधी” नहीं हो जाती, तब तक छंटनी के ‘कई” दौर चलेंगे. उनमें से एक ने कहा, “प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से किसी को नहीं बताया है कि क्या छंटनी के दौर रुकेंगे या नहीं लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि हर किसी को अपने लिए ‘विचार करने और निर्णय लेने’ की जरूरत है कि क्या यह वह जगह है जहां वे रहना चाहते हैं.”
हालांकि, अगस्त की तरह, टीआईएल के एक प्रवक्ता ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि यह “अंतिम दौर” है और आगे कोई छंटनी नहीं होगी.
अनुवादः सत्येंद्र कुमार चौधुरी
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