Media
पंजाब सरकार की तारीफ वाले ‘विज्ञापन’ को ख़बर बताते टीवी न्यूज़ चैनल
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर राजनीति शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं. 10 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में पराली जलाने के चलते प्रदूषण बढ़ने का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस्तीफा मांगा है. वहीं, भाजपा ने दावा किया कि उत्तर भारत में पराली जलाने के 60 फीसदी से ज्यादा मामले पंजाब से हैं. दोनों दलों द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता प्रदूषण से बेहाल है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली तक स्थिति और ख़राब होने वाली है.
इसी बीच 16 से 22 अक्टूबर के दौरान एबीपी न्यूज़, न्यूज़ नेशन, टीवी 9, हिंदी ख़बर और न्यूज़ 24 पर पंजाब में पराली से बायोफ्यूल प्रोडक्ट बनाने को लेकर ख़बर चली.
पहले इनके शीर्षकों पर एक नज़र डालते हैं-
टीवी-9
Punjab: मान सरकार का Biofuel Product, अब पराली की समस्या ख़त्म ? | Bhagwant Mann | Kejriwal | AAP
एबीपी न्यूज़
Punjab News: धुएं की समस्या से पंजाब को मिली राहत, पराली से बनाए जा रहे बायोफ्यूल प्रोडक्ट
न्यूज़ 24
Punjab: धुएं की समस्या से पंजाब को मिली राहत, किसानों ने CM Bhagwant Mann को कहा थैंक्यू
न्यूज़ नेशन
Punjab : धुएं की समस्या से पंजाब को मिली राहत, पराली से बनाए जा रहे बायो फ़्यूल प्रोडक्ट
इन तमाम वीडियो को आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर यानी एक्स हैंडल पर और पार्टी से जुड़े नेताओं ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया है. पार्टी के यू-ट्यूब चैनल पर भी ये वीडियो देखे जा सकते हैं.
21 अक्टूबर को टीवी 9 की रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए उसे चैनल की विशेष रिपोर्ट बताया गया. वहीं, 24 अक्टूबर को एबीपी न्यूज़ ने ख़बर को साझा करते हुए एबीपी की स्पेशल रिपोर्ट बताया.
देखने पर लगता है कि अलग-अलग वीडियो हैं, जिनका एक-दूसरे से कोई ताल्लुक नहीं. लेकिन ऐसा नहीं है. हमारी पड़ताल में सामने आया कि इन सभी वीडियो में बाइट देने वाले लगभग वही लोग हैं. सिर्फ बाइट ही नहीं, इन ख़बरों में जो वॉयस ओवर इस्तेमाल किया गया, उसकी स्क्रिप्ट भी ज्यादातर एक जैसी है. यहां तक कि वीडियो में इस्तेमाल विजुअल्स एक जैसे हैं. साथ ही किसी भी वीडियो में किसी भी चैनल की माइक आईडी नज़र नहीं आ रही है.
हैरानी की बात ये है कि किसी भी चैनल ने इस वीडियो को न तो विज्ञापन बताया और न ही कोई प्रमोशनल वीडियो, जो एक तरीके का विज्ञापन ही होता है.
ऐसे में सवाल उठता है कि ये वीडियो किस चैनल का है? इसमें बोलने वाले कौन हैं? वीडियो में जो दावे किए गए उसकी क्या हकीकत है. न्यूज़लॉन्ड्री ने इन सवालों के जवाब खोजने की कोशिश की और हमारी पड़ताल में जो सामने आया वो हैरान करने वाला है.
दरअसल, इन सभी वीडियो में चालाकी से ट्रैक्टरों के नंबर छुपा दिए गए हैं, काफी कोशिशों के बाद एक कोने में पंजाबी भाषा में पटियाला लिखा नजर आया. आगे मालूम करने पर पता चला कि यह वीडियो पटियाला के समाना ब्लॉक का है.
एबीपी न्यूज़ ने अपनी वीडियो स्टोरी में पहली बाइट एक कृषि विशेषज्ञ की लगाई है. उनका नाम नहीं लिखा है. उनको सुनते हुए एहसास होता है कि वो कोई स्वतंत्र कृषि विशेषज्ञ हैं पर हकीकत में वे सरकारी कृषि अधिकारी हैं. इनका नाम सतीश कुमार है. एक सरकारी अधिकारी को एबीपी न्यूज़ ने कृषि विशेषज्ञ बताकर चलाया.
हमने सतीश कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से कुछ लोग शूट करने आये थे.
वीडियो किसके कहने पर बना? वीडियो में बोलने वाले कौन लोग हैं? और चैनलों के संपादकों का इस पर क्या जवाब है? यह सब जानने के लिए देखें हमारी ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
TV Newsance 344 | The exam system failed you. The media failed you harder
-
Behind CBSE’s Class 12 evaluation contract, a trail of unanswered questions
-
‘Easy to tamper with marks’: How a teen researcher exposed CBSE’s security gaps
-
Company behind CBSE evaluation platform says complaints limited to ‘one or two cases’
-
Dharmendra Pradhan’s guide to surviving India’s exam crisis