Khabar Baazi
नक्सलियों के उत्पात मचाने की ख़बर साझा की तो छत्तीसगढ़ के चार पत्रकारों को नोटिस
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर नक्सलियों ने बुधवार को फायरिंग और आईईडी ब्लास्ट कर जमकर उत्पात मचाया, साथ ही गुरुवार को बीजापुर बंद करने का आह्वान भी किया. कई बड़े मीडिया संस्थानों ने भी इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया.
एबीपी न्यूज़: मारे गए साथी की याद में नक्सलियों ने किया जिला बंद का एलान, नेशनल हाईवे पर जलाई आग, दहशत फैलाने के लिए IED ब्लास्ट
दैनिक भास्कर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट और फायरिंग की:तेलंगाना हाईवे पर आग लगाई, लोगों को रोका; कल बीजापुर बंद का ऐलान
इस घटना के बाद वहां के स्थानीय पत्रकार भी सक्रिय हो गए और उन्होंने एक दूसरे से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये इस जानकारी को साझा किया.
ख़बर वायरल होने के बाद इसका खंडन करते हुए बीजापुर कार्यालय अनुविभागीय दंडाधिकारी ने कुछ स्थानीय पत्रकारों को नोटिस जारी कर दिया. जिसमें स्थानीय पत्रकार ईश्वर सोनी, मुकेश चंद्राकर, ऐरोला राम चन्द्रम और विशाल कुमार का शामिल है.
वरिष्ठ पत्रकार आलोक पुतुल की ओर से सोशल मीडिया पर इस नोटिस को साझा किया गया. जिसमें लिखा है, “प्रेस एंड ऑफिसर बीजापुर, मीडिया एंड एडमिनिस्ट्रेशन व बीएस टीवी, एमपीसीजी मध्य भारत के व्हाट्सएप ग्रुप पर राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित कर फायरिंग एवं सड़क पर आगजनी एवं आईडी ब्लास्ट की ख़बर को ग्रुप में प्रेषित किया गया."
नोटिस में आगे लिखा गया है,"इसके कारण आम जनता में भय का वातावरण निर्मित हुआ. हाईवे पर चलने वाली बसों के आवागमन में बाधा पहुंची. जबकि आईईडी ब्लास्ट जैसी कोई घटना नहीं घटी थी. इस तरह से आपके द्वारा लोक शांति में बाधा पहुंचाई गई एवं आईईडी ब्लास्ट सड़क को बाधित करना जैसी झूठी खबर व्हाट्सएप ग्रुप में चलाकर अफवाह फैलाई गई है. अतः क्यों न आपके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाए.”
Also Read
-
‘Only a part of the chest was found’: Delhi’s Nepali community tries to count the missing
-
Smoking is a ‘choice’ for men, but a ‘character flaw’ for women?
-
Uttarakhand SIR: The unsolved mystery of BJP agents’ ‘forged’ objections against Muslim voters
-
From Okhla to Badarpur: 5 Delhi seats that lost over 40% of their 2025 electorate
-
Ex-finance secretary questions GDP calculation, NDTV anchor insists on govt data ‘sanctity’